जानें भारतीय मौसम विभाग अचानक लद्दाख में क्यों बढ़ा रहा रडार नेटवर्क?
जानें भारतीय मौसम विभाग अचानक लद्दाख में क्यों बढ़ा रहा रडार नेटवर्क?
India China Standoff: सितंबर माह से लद्दाख सीमा (एलएसी) पर चाइना लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रही है। वहीं लद्दाख में हाड़ कपाती ठंड में भी चाइना अपनी गलत हरकतों से बाज नहीं आ रहा है माना जा रहा है कि चारों ओर लद्दाख की पहाडि़यों पर जमी बर्फ का चीन फायदा उठाते हुए भारतीय सैनिकों के मुसीबत खड़ी कर सकता है। वहीं सैनिकों की संख्या बढ़ाने के अलावा दोनों ही देश तकनीकि स्तर पर जबदस्त मुकाबला कर रहे हैं। वहीं भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि भारत वेदर रडार नेटवर्क (Weather Radar Network) को उत्तर-पूर्व में बढ़ाने जा रहा है। आइए जानते हैं इसकी खास वजह क्या है?

चीन चल सकता है ये गंदी चाल
बता दें चीन को प्रोग्राम प्रायोगिक स्तर में आगे आ चुका है वो उसमें काफी सफल है विशेषज्ञों के अनुसार चीन का ये मजबूत हथियार है जिसे वो कभी भी प्रयोग कर सकता है वो इसकी मदद से भारतीय सैनिकों की मुश्किल बढ़ा सकता है। लद्दाख सीमा पर -40 डिग्री सेल्सियस में रह रहे भारतीय सैनिकों के क्षेत्र में चीन मुसीबत खड़ी कर सकता है। इससे निपटने के लिए सैनिकों को मौसम का अनुमान होना काफी जरूरी है ताकि वे उसी हिसाब से तैयारी कर सकें। इसी वजह से आईएमडी (IMD) लद्दाख में 10 रडार लगा रहा है। आईएमडी के ये रडार मौसम पर नजर रखेंगे। बता दें यहां पर सैनिक बहुत ही विषम परिस्थितियों में रहते हैं आए दिन उनकी मौत तक हो जाती है। इन हालातों में चीन का मौसम में भी बदलाव कर पाना हमारे भारतीय सैनिकों के लिए एक और बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकता है। विशेषज्ञों को अंदेशा है कि चीन मौसम बदलने की तकनीकी का गलत इस्तेमाल कर सकता है।

आईएमडी इसलिए लगा रहा रडार
गौरतबलब है कि देश के एक हिस्से में हुए मौसम बदलाव का असर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ता है अगर उसका पुर्वानुमान हो सकेगा तो उसके हिसाब से तैयारी हो सकेगी। यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट में बताया गया कि मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ साइंस के सेक्रेटरी एम राजीवन ने बताया है कि तीन रडार हिमालय पर लगाए जा चुके है कुछ ही दिनों में अन्य रडार भी लगा दिए जाएंगे। वहीं मणिपाल अकादमी के सिस्टेंट प्रोफेसर धनश्री जयराम के मुताबिक बिना रेगुलेशन के जियो इंजीनियरिंग करना दो देशों जैसे भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा सकता है। उन्होंने बताया कि हो सकता है चीन अपने क्षेत्र में मौसम में बदलाव करें और जिसका असर हमारे देश में हो सकता है। जैसे भारी बरसात को रोकने के लिए चीन मौसम से छेड़छाड़ कर उसे रोकने की कोशिश करें जिसका प्रभाव भारत के क्षेत्रों पर भी पड़ेगा।

चीन ने वेदर मॉडिफिकेशन सिस्टम लॉन्च किया
बता दें मौसम विभाग ने लद्दाख में ये रडार लगाने का फैसला चीन के वेदर मॉडिफिकेशन सिस्टम लॉन्च करने के बाद लिया है। वेदर मॉडिफिकेशन सिस्टम के माध्यम से चीन बर्फबारी और बारिश जैसे मौसमी बदलावों पर काबू कर सकेगा। चीन लंबे समय से इस पर काम कर रहा है केवल साल 2012 से 2017 के बीच इस पर करीब 9889 करोड़ रुपये व्यय किए हैं।

जानें भारतीय मौसम विभाग का रडार कैसे करेगा काम
बता दें मौसम विभाग लद्दाख में रडार लगा रहा है वो ऐसी प्रणाली है जो सूक्ष्मतंरगों के माध्यम से किसी घटना या वस्तु का पता लगाने में कामयाब होती है। मदद से युद्ध में या शांतिकाल में भी जासूस विमानों, पनडुब्बी का पता लगाया जा सकता है. इसके अलावा मौसम में तेजी से आ बदलाव को भी इससे जांचा जा सकेगा। चीन अगर मौसम के साथ कोई छेड़छाड़ करके कोई लाभ उठाना चाहेगा इससे पहले ही ये रडार सतर्क कर देगा।












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