7th पे कमीशन-आईएएस हो या सांइटिस्ट्स, मेरिट पर मिलेगा फायदा सीनियॉरिटी पर नहीं
नई दिल्ली। गुरुवार को सांतवें पे कमीशन की रिपोर्ट सरकार को सौंप दी गई है। एक जनवरी 2016 से नए वित्त आयोग की सिफारिशें लागू हो जाएंगी। सरकारी कर्मियों को इस वित्त आयोग में 23.55% तक सैलरी हाइक का फायदा मिलेगा।
वहीं खास बात यह भी है कि फायदा योग्य लोगों को तभी मिलेगा जो अपने काम को श्रेष्ठता से यानी कुशलता के साथ करेंगे। कमीशन की रिपोर्ट में मेरिट के आधार पर सैलरी हाइक की बात कही गई है न कि सीनियॉरिटी के आधार पर किसी को फायदा पहुंचाया जाएगा।
एक नजर डालिए इस कमीशन की रिपोर्ट में दी गई कुछ खास सिफारिशों पर।
- इस कमीशन में जैसा कि ऊपर बताया गया 23.55% तक की वेतन वृद्धि होगी जिसमें अलाउंसेज भी शामिल हैं।
- इस नए कमीशन में न्यूनतम सैलरी 18,000 और अधिकतम सैलरी 2.25 लाख तक रखी गई है।
- प्रति वर्ष तीन प्रतिशत की दर से सैलरी में इजाफा होगा।
- डिफेंस पर्सनल की ही तर्ज पर आम नागरिकों के लिए भी वन रैंक वन पेंशन की तर्ज पर पेंशन प्रस्तावित।
- पेंशन में 24 प्रतिशत का इजाफा।
- ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख करने का प्रस्ताव।
- वर्तमान में कैबिनेट सेक्रटरी की सैलरी को 90,000 से बढ़ाकर 2.25 लाख तक करने का प्रस्ताव।
- इस पे कमीशन के लागू होने के बाद सरकार पर एक लाख दो हजार करोड़ का बोझ बढ़ेगा।
- करीब 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनर्स को इससे फायदा होगा।
- चेयरपर्सन जस्टिस अशोक माथुर की ओर से तैयार 900 पेज की रिपोर्ट को सरकार की एक कमेटी चेक करेगी।
इस कमीशन से जुड़ी कुछ और बातों पर स्लाइड्स के जरिए नजर डालिए।

तभी मिलेगा हाइक
इस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि सिविल सर्वेंट्स को अपने काम पर और ध्यान देना होगा। उन्हें काम की प्रक्रिया नहीं बल्कि उससे क्या नतीजा निकलेगा इस पर ध्यान केंद्रित करना पड़ेगा क्योंकि वह नतीजों के लिए जिम्मेदार होंगे।

टेक्निकल सेवी होना जरूरी
रिपोर्ट के चेयरपर्सन जस्टिस अशोक माथुर और सदस्य रतिन रॉय के मुताबिक सिविल सर्वेंट्स को बदलाव का एजेंट बनना पड़ेगा। इसके लिए उन्हें टेक्नोलॉजी से जुड़े अपने ज्ञान को और बढ़ाना होगा साथ ही साथ यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वह आर्थिक और पब्लिक सर्विस से जुड़े बदलाव के लिए जरूरी हों।

बदलते समय में सबसे अहम
रिपोर्ट के मुताबिक अब समय आ गया है जब पूर्व में अपनाए गए तरीकों को बदलना होगा। समय है कि जब कई सेक्टर्स में जारी सिनियॉरिटी के फॉर्मूले पर फिर से ध्यान दिया जाए।

नहीं चलेगा सोर्स
रिपोर्ट का मानना है कि जबकि सरकार देश में बदलाव लाने के की कोशिशों में है तो अब किसी की सर्विस के लिए कोई दबाव या सिफारिश की भूमिका को खत्म किया जाए। साथ ही सही पद के लिए सिर्फ उसी व्यक्ति का चयन हो जो इसके लिए योग्य हो।

आइएएस को छोड़कर
इस रिपोर्ट में आईएएस से अलग ऐसे 11 कार्यक्षेत्रों का चयन किया गया है जिनमें ऑफिसर्स के लिए किसी पद पर नियुक्ति के दौरान उनकी स्किल्स और उनका बैकग्राउंड काफी अहम होगा।

अब नहीं होगा जल्दी ट्रांसफर
इस रिपोर्ट में साफ-साफ कहा गया है कि आज के दौर में सरकारी व्यवस्था काफी जटिल हो गई है। ऐसे में नीतियों को बनाने वाले और इससे जुड़े लोग यानी आइएएस जैसे उच्च पद पर आसीन व्यक्ति को कम समय के अंदर एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में भेजा देना काफी पुराना तो है ही साथ ही साथ समाज के लिए बुरा भी है।












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