क्या है जम्मू-कश्मीर में लागू धारा 370, पूर्ण विवरण
Recommended Video

Know about 370 act in Jammu
नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी सरकार ने कश्मीर को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार ने आज राज्यसभा में कश्मीर आरक्षण संशोधन बिल पेश कर दिया है। जिसके तहत धारा 370 का खात्मा किया जाएगा। वहीं विपक्ष सरकार को घेरने के लिए तैयारी कर रही है। भाजपा की मानें तो यह कानून जम्मू कश्मीर गैर-अस्थायी नागरिकों और महिलाओं के साथ भेदभाव करने वाला कानून है।

वर्ष 2014 के दौरान राज्य में हुए विधानसभा चुनावों के समय से ही इस पर बहस चल रही है। इस कानून के तहत जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है और साथ ही यहां का राष्ट्रध्वज अलग होता है।
चलिए आपको बताते हैं कि धारा 370 है क्या? जो देश के विशेष राज्य कश्मीर में लागू है...
- जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है ।
- जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है ।
- जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकी भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है ।
- जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है ।
- भारत के उच्चतम न्यायलय के आदेश जम्मू - कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं ।
- भारत की संसद को जम्मू - कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यंत सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है ।
- जम्मू कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी। इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू - कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी।
- धारा 370 की वजह से कश्मीर में RTI लागू नहीं है, RTE लागू नहीं है। CAG लागू नहीं होता। ...। भारत का कोई भी कानून लागू नहीं होता।
- कश्मीर में महिलावो पर शरियत कानून लागू है।
- कश्मीर में पंचायत के अधिकार नहीं।
- कश्मीर में चपरासी को 2500 ही मिलते है।
- कश्मीर में अल्पसंख्यको [ हिन्दू- सिख ] को 16 % आरक्षण नहीं मिलता ।
- धारा 370 की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते है।
- धारा 370 की वजह से ही पाकिस्तानियो को भी भारतीय नागरीकता मिल जाता है । इसके लिए पाकिस्तानियो को केवल किसी कश्मीरी लड़की से शादी करनी होती है।












Click it and Unblock the Notifications