खिड़की एक्‍सटेंशन मुद्दे पर 'आप' कर रही है नाटक: पार्टी सदस्य

डीएनए में छपी रिपोर्ट के मुताबिक..मैं आम आदमी पार्टी का एक संस्‍थापक सदस्‍य हूँ। मैनें, 30 जनवरी को दिल्‍ली में होने वाली राष्‍ट्रीय परिषद बैठक से कुछ दिन पहले ही पार्टी सचिव से एक अनुरोध किया था, कि आम आदमी पार्टी के सदस्‍यों और समर्थकों के द्वारा 15 और 16 जनवरी, 2014 की रात को खिड़की एक्‍सटेंशन में रहने वाली युगांडा और नाईजीरियाई महिलाओं से किए गए अपमान पर माफी मांगनी चाहिए और इसके लिए एक विधेयक तैयार करना चाहिये। इस संक्षिप्‍त विधेयक का मसौदा, पार्टी के कुछ सदस्‍यों के साथ साझा भी किया गया था।

प्रस्‍तावित विधेयक निम्‍न प्रकार था - ''आम आदमी पार्टी की राष्‍ट्रीय परिषद ने सर्वसम्‍मति से 15 और 16 जनवरी, 2014 की रात को आप के सदस्‍यों और समर्थकों के द्वारा

खिड़की एक्‍सटेंशन में रहने वाली युगांडा और नाईजीरिया महिलाओं से किए व्‍यवहार और उन्‍हे ज़बरन नारकोटिक टेस्‍ट कराने के लिए मजबूर करने पर माफी मांगने का प्रस्‍ताव पारित किया है। पार्टी को वास्‍तव में महिलाओं के साथ हुए इस अपमान को लेकर पछतावा है। आम आदमी पार्टी, पार्टी के सदस्‍यों और समर्थकों के द्वारा किसी भी नस्‍लभेदी टिप्‍पणी के साथ इसे खुद से ही अलग कर लिया। सभी से माफी मांगी जा रही है। यह कोई नस्‍लवादी पार्टी नहीं है।''

बैठक के दौरान, मुझे बोलने का और अपनी बात सामने रखने का मौका नहीं दिया गया, इसलिए मैने बैठक के अंतिम वक्‍ता एडमिरल रामदास को अपनी बात उनके भाषण में रखने के लिए अनुरोध किया, जो बैठक में सबसे आखिर में कही जानी थी। लेकिन संयोजक ने मुझे अनुमति दे दी और भीड़ को सम्‍बोधित करते हुए मुझे ''असंतोष की एक आवाज'' ( ए वॉयस ऑफ डिस्‍सेंट ) के रूप में पेश किया।

इस दौरान मुझे मेरे बनाएं हुए विधेयक के पांच में दो प्‍वाइंट को ही बोलने की अनुमति थी, जिन्‍हे मैने लिखा था। वो इस प्रकार थे :

1. रामलीला मैदान में शपथ ग्रहण के बाद मुख्‍यमंत्री केजरीवाल ने इंसानियत के बारे में एक गाना गाया था। उन्‍होने कहा था कि आम आदमी पार्टी, इंसानियत का संदेश लेकर आई है। इंसानियत, महिलाओं के अपमान की अनुमति नहीं देता है। इसके लिए माफी मांगने की जरूरत है।

2. वेश्‍यावृत्ति के संस्‍थानों को सावधानी से संभाले जाने की अवाश्‍यकता है। आप की लिंग न्‍याय पर एक समिति भी है जिसकी संयोजक ललिता रामदास है। इस समिति को सावधानीपूर्वक एक रिपोर्ट तैयार कर लेनी चाहिये थी और इसके बाद परार्मश लेना चाहिये था। क्‍या वेश्‍याओं को हटाना सही है, अगर खिरकी एक्‍सटेंशन में रहने वाली महिलाएं वेश्‍याएं थी तो क्‍या ऐसा करने की आवश्‍यकता थी।

3. भारत में लगभग 30 लाख वेश्‍याएं हैं। ऐसे में उनका पीछा करना मुश्किल नहीं होगा क्‍योंकि इनमें से 40 प्रतिशत वेश्‍याएं 13 साल से कम उम्र की हैं। क्‍या उन सभी को हिंद महासागर में भेजा जा सकता है। उनका कोई वोट नहीं है। उनका अपमान, इंसानियत का अपमान है। इसी तरह की लापरवाहियों की वजह से ठंड भरी रातों में कई बेघर लोग मौत के घाट उतर गए।

ठीक उसी दौरान मुझे चुप करा दिया गया। मुझे सख्‍ती से कह दिया गया कि तुम वही कहा करो, जो कहने के लिए कहा जाये। मुझसे माईक छीन लिया गया। चिल्‍लाते हुए बिग्रेड और ज्‍यादा मजबूत हो गए। मुझे कहा गया कि मीडिया के सामने कोई भी तमाशा नहीं बनाना है। जबकि उस दौरान हॉल में मीडिया नहीं थी। मुझे जबरन मंच से नीचे उतार दिया गया।

आखिर इसके पीछे तथ्‍य क्‍या है, क्‍या आम आदमी पार्टी, वोट का वजन बढाने के लिए, समाज में अच्‍छी तरह व्‍याप्‍त पूर्वाग्रहों को भुनाने में लगी हुई है। आम आदमी पार्टी पहले से ही आम आदमी पूर्वाग्रह की पार्टी है। व्‍यवस्‍था परिवर्तन और आप की क्रांति के बारे में सुनने में ऐसा ही लगता है कि 1977 के जेपी आंदोलन के सम्‍पूर्ण क्रांति के बारे में सुन रहे हों, जो जनता दल के सरकार बनने के बाद भाप की तरह उड़ गई।

एक बात साफ हो चुकी है कि आप की सहभागितापूर्ण लोकतंत्र की बातें सिर्फ दिखावा है। हाईकमांड, मतभेद करने की अनुमति नहीं देता है।

लेखक, भारत के राजदूत के रूप में सेवानिवृत्‍त है।

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