वकीलों के CJI को पत्र पर सियासत, खड़गे ने पीएम से पूछा- 'बंगाल में पूर्व जस्टिस को चुनाव में क्यों उतारा?
वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे सहित देशभर के 600 से ज्यादा वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट मुख्य न्यायधीश डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर सवाल उठाने को लेकर चिंता जाहिर की है। जिसको लेकर पीएम मोदी (PM Modi) ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। वहीं पीएम की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) ने पीएम मोदी पर लोकतंत्र को खत्म करने आरोप लगाया।
वकीलों ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को पत्र लिखकर न्यायपालिका पर बढ़ते 'अवैध हस्तक्षेप' से अवगत कराया है। पत्र में लिखा कि एक ग्रुप न्यायिक फैसलों को प्रभावित करने के लिए दबाव की रणनीति अपना रहा है। यह खासकर राजनीतिक हस्तियों और भ्रष्टाचारों से जुड़े मामलों में ज्यादा देखने को मिल रहा है।

पत्र में आगे कहा गया है कि इससे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचती है। सियासी हस्तियों और भ्रष्टाचार के केस में दबाव का इस्तेमाल करने की कोशिश की जाती है। जिन वकीलों ने सीजेआई को लेटर लिखा है उनमें हरीश साल्वे, मनन कुमार मिश्रा, आदिश अग्रवाल, चेतन मित्तल, पिंकी आनंद, हितेश जैन, उज्ज्वला पवार, उदय होल्ला, स्वरूपमा चतुर्वेदी और देश भर के 600 से ज्यादा वकील शामिल हैं।
इस चिट्ठी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम ने लिखा, "दूसरों को डराना-धमकाना कांग्रेस की पुरानी संस्कृति है। 5 दशक पहले ही उन्होंने न्यायपालिका का आह्वान किया था, वे बेशर्मी से अपने स्वार्थों के लिए दूसरों से प्रतिबद्धता चाहते हैं लेकिन राष्ट्र के प्रति किसी भी प्रतिबद्धता से बचते हैं। कोई आश्चर्य नहीं कि 140 करोड़ भारतीय उन्हें अस्वीकार कर रहे हैं।"
वहीं मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि आप लोकतंत्र से छेड़छाड़ करने में माहिर हैं। पीएम को संबोधित करते हुएउन्होंने कहा, "...आप भूल गए हैं कि आपकी पार्टी ने मौजूदा लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में एक पूर्व हाई कोर्ट जस्टिस को मैदान में उतारा है। उन्हें यह उम्मीदवारी क्यों दी गई? आप ही राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग लाए जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी।"
खड़गे ने आगे लिखा, "मोदी जी, आपकी तरफ से एक के बाद एक संस्थानों को झुकाने की कोशिश की जाती रही है, इसलिए अपने पापों के लिए कांग्रेस पार्टी पर दोष मढ़ना बंद करें। आप लोकतंत्र से छेड़छाड़ करने और संविधान को चोट पहुंचाने की कला में माहिर हैं।"












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