क्या है Khalistan Zindabad Force?, जिसके 3 आतंकियों का पिलभीत में हुआ एनकाउंटर, जानिए
Khalistan Zindabad Force News: पंजाब के गुरदासपुर में 18 दिसंबर को हुए ग्रेनेड हमले में कथित रूप से शामिल तीन आतंकी सोमवार तड़के उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में मारे गए। यह एनकाउंटर रविवार रात (22 दिसंबर 2024) को पिलभीत में हुआ। पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने इसे पाकिस्तान प्रायोजित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के मॉड्यूल के खिलाफ एक बड़ी सफलता करार दिया।
आरोपियों की पहचान गुरविंदर सिंह (25), वीरेंद्र सिंह उर्फ रवि (23) और जसप्रीत सिंह उर्फ प्रताप सिंह (18) के रूप में की गई है। ये तीनों पंजाब के गुरदासपुर जिले के रहने वाले थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अमिताभ यश ने बताया कि तीनों आरोपित गुरदासपुर में पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल थे।

एडीजी बरेली ज़ोन रामित शर्मा ने किया बड़ा खुलासा
एडीजी बरेली ज़ोन रामित शर्मा ने कहा, "18 दिसंबर को पंजाब के गुरदासपुर में हुए ग्रेनेड हमले में खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के तीन कुख्यात अपराधी शामिल थे। इस बारे में विश्वसनीय सूचना मिली थी, जिस पर कार्रवाई की जा रही थी और सतर्कता बढ़ा दी गई थी। इसी क्रम में जब आज पंजाब पुलिस की टीम यहां आई और उन पर कार्रवाई की गई, तो तीनों आतंकवादी मुठभेड़ में शामिल हो गए। वे घायल हो गए और उपचार के लिए ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए।"
पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल का हिस्सा है खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
पुलिस ने बताया कि पहले तीनों आतंकियों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया, लेकिन अपराधियों ने गोलियां चलाईं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अपराधी घायल हुए और बाद में उनकी मौत हो गई। इनसे एके सीरीज की दो राइफलें और कई ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई हैं। पंजाब पुलिस ने कहा है कि ये तीनों खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के पाकिस्तान प्रायोजित मॉड्यूल का हिस्सा थे।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने इसे "साहसिक" कार्रवाई बताते हुए उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस के बीच समन्वय का एक अच्छा उदाहरण बताया। उन्होंने कहा, "यह कार्रवाई आतंकवादियों के खिलाफ दोनों राज्यों की पुलिस की कड़ी मेहनत और सहयोग का परिणाम है।"
आतंकवादियों ने बनाया था तीन पुलिस स्टेशनों को निशाना
पिछले एक सप्ताह में पंजाब में तीन पुलिस स्टेशनों को निशाना बनाया गया था। शुक्रवार को गुरदासपुर के बांगर पुलिस चौकी पर विस्फोट हुआ था, जबकि मंगलवार को अमृतसर के इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन में भी विस्फोट हुआ था। ये हमले खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स द्वारा किए गए थे, इस बात का संदेह सुरक्षा एजेंसियों ने जताया है। हालांकि, इन हमलों में कोई घायल नहीं हुआ।
संस्थापक रंजीत सिंह नीता की संदिग्ध गतिविधियां
रणजीत सिंह नीता , KZF का मुखिया, जम्मू के सुंबल कैंप इलाके का रहने वाला है और वर्तमान में पाकिस्तान में छुपा हुआ है। नीता का नाम 1988 और 1999 के बीच जम्मू और पठानकोट में हुए बम विस्फोटों में भी शामिल है। इसके अलावा, वह जम्मू और कश्मीर के कठुआ जिले में पुलिस उपाधीक्षक की हत्या में भी शामिल था।
क्या है खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स
खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF), एक प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन है, जिसका लक्ष्य 'संप्रभु खालिस्तान राज्य' की स्थापना करना है। इस संगठन की मुख्य गतिविधियां पंजाब, जम्मू और दिल्ली में केंद्रित रही हैं, लेकिन यह नेपाल सहित अन्य देशों में भी सक्रिय रहा है। KZF के मुख्य सरगना रंजीत सिंह नीता पाकिस्तान में छुपकर संगठन को चला रहे हैं।
भारत सरकार ने खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है और इस संगठन को आतंकवादी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान के साथ मिलकर यह समूह भारत में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है।
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