केरल सरकार ने कहा- कोरोना पर काबू के लिए लगातार हो रहा काम, ओणम पर भीड़ होने की बात नकारी
कोच्चि, 27 अगस्त: केरल में बीते काफी दिनों से कोरोना के सबसे ज्यादा नए कोरोना केस आ रहे हैं। कोरोना के आधे से ज्यादा मामले अकेले केरल राज्य से आ रहे हैं, ऐसे में इसको लेकर केंद्र भी लगातार चिंता जता चुका है। ओणम के बाद केरल में नए कोविड मामलों में उछाल आया है। तो वहीं लगातार सबसे ज्यादा कोरोना केस मिलने के चलते कोविड को काबू करने के केरल मॉडल पर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने अपनी सरकार की नीतियों का बचाव किया है, साथ ही इससे भी इनकार किया है कि ओणम पर राज्य में लोगों को जमा होने दिया गया।

कोरोना के मामलों को लेकर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि यह सही है कि पॉजिटिव मामलों की संख्या बढ़ी है। हर दिन करीब 30,000 नए मामले सामने आए हैं लेकिन बीमारी की गंभीरता कम है। आईसीयू, वेंटिलेटर-ऑक्यूपेंसी 50 प्रतिशत से नीचे रहा है और स्थिति नियंत्रण में है। जॉर्ज ने कहा कि ओणम के दौरान कहीं भी सार्वजनिक सभा की अनुमति नहीं थी और कहीं भी लोगों को इकट्ठा नहीं होने दिया गया। साथ ही राज्य सरकार ने लगातार जनता से कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि केरल एकमात्र ऐसा राज्य है जो कोविड को लेकर कई अध्ययन कर रहा है।
केरल की स्वास्थ्य मंत्री ने ये भी बताया है कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया से 1 करोड़ 11 लाख टीकों के लिए अनुरोध किया है और उन्होंने 30 सितंबर तक टीके देने का भरेसा दिया है। अगर हमें टीके मिलते हैं, तो हम पात्र लोगों की बड़ी सख्या को टीका लगा देंगे।
वीना जॉर्ज ने ये भी बताया है कि आईसीएमआर सेरोप्रेवलेंस सर्वे से पता चलता है कि केरल की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी अभी कोरोना से अप्रभावित है। जो लोग संक्रमित हुए हैं, उसमे से भी 35 फीसदी घर पर ठीक हो रहे हैं।
केरल में एक्टिव केस दो लाख के करीब पहुंचे
केरल में लगातार 30 हजार के करीब नए मामले आने से एक्टिव केस भी काफी बढ गए हैं। केरल में एक लाख 95 हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। वहीं पूरे देश में 3 लाख 60 हजार एक्टिव केस हैं। केरल के अलावा सिर्फ महाराष्ट्र में 50 हजार से ऊपर एक्टिव केस हैं। केरल को लेकर केंद्र की ओर से भी कई बार चिंता जताई जा चुकी है।












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