देश के इस राज्य ने खुद को 'गरीबी मुक्त' घोषित किया! मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने राज्य के गठन दिवस, 'केरल पिरवी' (Kerala 'Piravi') के अवसर पर बुलाए गए विशेष विधानसभा सत्र में एक ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने सदन में कहा कि केरल राज्य अब चरम गरीबी (extreme poverty) से मुक्त हो गया है। यह घोषणा राज्य सरकार के सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों की सफलता के रूप में प्रस्तुत की गई।
विपक्ष का तीखा विरोध: 'शुद्ध धोखाधड़ी' और बहिष्कार
मुख्यमंत्री के इस दावे ने सदन में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। कांग्रेस-नीत यूडीएफ (UDF) विपक्ष ने इस घोषणा को "शुद्ध धोखाधड़ी" (Pure Fraud) करार दिया और विरोध में पूरे सत्र का बहिष्कार कर दिया।

विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने सीएम के इस बयान पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का नियम 300 के तहत दिया गया यह बयान न केवल 'शुद्ध धोखाधड़ी' है, बल्कि सदन के नियमों की 'अवमानना' (Contempt) भी है।
सतीशन ने स्पष्ट कहा कि, 'हम इसमें शामिल नहीं हो सकते हैं और इसलिए पूरी तरह से सत्र का बहिष्कार कर रहे हैं।' इसके बाद, यूडीएफ के सदस्यों ने 'धोखाधड़ी' और 'शर्मनाक' जैसे नारे लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
सीएम का पलटवार: 'हमने वही किया जो कहा था'
विपक्ष के गंभीर आरोपों पर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। सीएम ने कहा कि यूडीएफ (UDF) जब 'धोखाधड़ी' की बात कर रहा है, तो वह वास्तव में अपने ही पिछले आचरण को संदर्भित कर रहा है।
अपनी सरकार की विश्वसनीयता का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, 'हम केवल वही कहते हैं जिसे हम लागू कर सकते हैं। हमने जो कहा था, उसे लागू किया है। विपक्ष के नेता को हमारा यही जवाब है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार के दावे ज़मीनी हकीकत पर आधारित हैं।












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