पाकिस्तान से साइबर कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग ले रहे कश्मीरी युवक- रिपोर्ट
नई दिल्ली। कश्मीरी युवाओं को पाकिस्तान में साइबर कम्युनिकेशन की ट्रेनिंग दी जा रही है। इन युवाओं का इस्तेमाल खास संदेशों को पहुंचाने के लिए बतौर संदेशवाहक इस्तेमाल किया जा रहा है। यह जानकारी सरकार की ओर से बनाई गई एक जांच कमेटी को यह जानकारी मिली है। तमाम एजेंसियों का प्रतिनिधित्व कर रही इस कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में पढ़ाई या व्यवसाय करने वाले कश्मीरी युवकों को वैलिड वीजा दस्तावेजों पर पाक दौरे के लिए कहा जाता है। अंग्रेजी समाचार पत्र इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार कमेटी में पंजाब पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और सेना के सदस्य शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 में कश्मीर युवकों के पाक दौरा करने का यह पैटर्न देखा गया है।

इतना ही नहीं रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि कई युवक जो पाक गए वो वीजा में दिए गए नियत समय से ज्यादा दिन तक रुके। ऐसे जो भी भारतीय हों, इनके डाटाबेस और डिटेल्स पर नजर रखी जाए और इसे सुरक्षा एजेंसियों से साझा किया जाए। रिपोर्ट के अनुसार ऐसे ही मामले में कश्मीर स्थित कुलगाम में रहने वाला सैफुल्ला गाजी को खास आदेश हासिल करता हुआ पाया गया। गाजी रावल पिंडी में सक्रिय था। इसे मोबाइल, बीबीएम ऐप के लिए पैसे मुहैया कराए गए थ ताकि वो पाक स्थित अपने मुखिया लोगों से बात कर सके। उसे जो संदेश मुखिया से मिलता वो उसे कुलगाम में ही अपने कमांडर को पहुंचाना था।
इस रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूज अजहर का आदेश मानने की बात है। रिपोर्ट में मसूद के छोटे भाई तल्हा अल-सैफ के की भूमिका भी सामने आई है। बता दें कि पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में सीमा पार से आंतकवाद और ड्रग्स ती तस्करी से जुड़ा एक मामला चल रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल ईद के बाद पाक अधिकृत कश्मीर में ऐसी ट्रेनिंग की गतिविधियों की संख्या बढ़ी है। बीते दो महीनों और अमृतसर से तीन से चार खबरें आई हैं, जो घुसपैठ से जुड़ी है।












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