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श्रीनगर से जम्मू लाए गए दो अलगाववादी नेता, घाटी में बंद का ऐलान

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    जम्मू। कश्मीरी अलगाववादियों ने बुधवार को श्रीनगर की जेल में बंद कैदी कासिम फाक्तू और सफी शरीयती को श्रीनगर सेंट्रल जेल से जम्मू की जेल में शिफ्ट किए जाने के विरोध में बंद का ऐलान किया है। आतंकी से अलगाववादी बना फाक्तू दुख्तरान-ए-मिल्लत महिला समूह की संस्थापक आसिया आंद्रबी का पति है। वह हत्या के आरोप में 25 सालों से जेल में बंद है।

    kashmiri

    फाक्तू में जेल में रहते हुए इस्लामिक स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उसकी कई पुस्तकों का प्रकाशन हो चुका है। छात्र फाक्तू की लिखी किताबों को स्नातक और मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करते हैं। वहीं शरीयती कश्मीर विवि में परसियन के प्रोफेसर हैं। वह आतंकी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण पिछले 15 सालों से जेल में बंद हैं।

    डीजीपी जम्मू कश्मीर एसपी वैद ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि सरकारी आदेशों के बाद दोनों को श्रीनगर जेल से जम्मू जेल में शिफ्ट किया जा रहा है। अलगाववादियों के नेताओं की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि फाक्तू को उधमपुर की जेल में जबकि शरीयती को कठुआ के हीरानगर की जेल में शिफ्ट किया गया है।

    सरकार कई अलगाववादी नेता औऱ लश्कर के आतंकियों को श्रीनगर से जम्मू की जेलों में शिफ्ट कर रही है। आपको बता दें कि 6 फरवरी को श्रीनगर के महाराजा हरिसिंह अस्पताल में लश्कर के आतंकी नवीद को चेकअप के लिए लेकर आई थी। वह दो पुलिसकर्मियों को मार कर फरार हो गया था। अलगाववादी नेता सईद अली गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और यासीन मलिक ने एक बयान जारी कर कहा कि एक कैदी को भागने से रोकने में विफल रहे अधिकारी राजनीतिक कैदी को बलि का बकरा बना रहे हैं।

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    English summary
    Kashmiri separatists called a shutdown on Wednesday in protest against the shifting of prominent prisoners Qasim Faktoo and Shafi Shareati

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