कासगंज: चंदन गुप्ता को शहीद का दर्जा देने की मांग, तलाशी में मिला क्रूड बम और पिस्टल
कासगंज। उत्तर प्रदेश स्थित कासगंज में आज तीसरे दिन भी बवाल हुआ, हालांकि हालात पर काबू पाने में ज्यादा समय नहीं लगा। कासगंज में उपद्रवियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का सहारा लिया जा रहा है। पुलिस संदिग्ध उपद्रवियों के खिलाफ तलाशी अभियान चला रही है। तलाशी के दौरान एक आरोपी के घर से क्रूड बम और पिस्टल बराम हुआ। वहीं हिंसा की भेंट चढ़ने वाले युवक चंदन गुप्ता के परिजनों ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के खिलाफ प्रदर्शन किया और चंदन को शहीद घोषित किए जाने की मांग की। दूसरी ओर पुलिस महानिदेशक (DGP) ने कहा

DGP ने कहा कि...
DGP ने कहा कि आगजनी की जो घटनाएं हो रही हैं वो ऐसी सूनसान जगहों पर हो रही हैं जो सालों से वीरान है। इलाके की निगरानी ड्रोन से की जा रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 60 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और सभी संदिग्ध लोगों को पकड़ा गया है। दोनों समुदायके लोगों को एक साथ बिठाकर शांति की अपील की जाएगी। DGP ने कहा कि कहां गलती हुई, कौन जिम्मेदार है, इसकी छानबीन बाद में होगी। अभी हमारा पूरा ध्यान इलाके की स्थिति को नियंत्रण में करना है।

सुबह एक दुकान में आग लगा दी
वहीं उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को कासगंज में भड़के दंगे के पीछे किसी गहरी साजिश की बू आ रही है। डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में इन आरोपों को सिरे से नकार दिया कि ये दंगे प्रशासनिक विफलता के परिणाम थे। गौरतलब है कि आज एक बार फिर से बवाल सामने आया जब उपद्रवियो ने सुबह एक दुकान में आग लगा दी। पिछले दो दिनों से कासगंज में कर्फ्यू जारी है और भारी संख्या मे पीएसी व पुलिस बल को तैनात किया गया है, लेकिन तमाम सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए उपद्रवियों ने दुकान को आग के हवाले कर दिया।

इंटरनेट की सेवाएं ठप
बता दें कि कासगंज में 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई झड़प के बाद हिंसा भड़क गई थी, जिसमे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, साथ ही कई लोग घायल हो गए थे। घायल होने वालों में पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था के साथ इंटरनेट की सेवाओं को भी ठप्प कर दिया गया है।












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