Karur Stampede: 'अब किसे बनाऊंगी दूल्हा', करूर में लाशों के अंबार पर बेटे का शव देख बेसुध हुई मां
Karur Vijay Rally Stampede Latest Updates: तमिलनाडु के करूर में एक्टर से नेता बने थलपति विजय की जनसभा एक बड़े मिसमैनेजमेंट और अत्यधिक भीड़ के कारण एक राष्ट्रीय त्रासदी बन गई। इवेंट और सुरक्षा प्रबंधन के तमाम दावों को ध्वस्त करते हुए इस भगदड़ ने 39 लोगों की ज़िंदगी छीन ली, जिनमें 10 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इसी त्रासदी की सबसे दर्दनाक तस्वीर 24 साल के आकाश के परिवार की है, जिसकी अगले ही महीने शादी होने वाली थी।
चंद दिनों में बजने वाली थी शहनाई, अब घर में मातम
इस दर्दनाक घटना में 24 साल के आकाश की असमय मौत ने न सिर्फ उसके परिवार के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, बल्कि शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया है। परिवार के लोगों ने उसकी शादी की तैयारियां पूरे जोरों पर शुरू कर दी थीं और रिश्तेदारों को बुलाने की लिस्ट तक तैयार हो चुकी थी।

बेटे की सेल्फी दिखाकर मिली लाश
आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, आकाश किसी काम से बाहर गया था, तभी वह अचानक भगदड़ का शिकार हो गया। जब करूर अस्पताल परिसर में उसके माता-पिता को यह खबर मिली, तो वह खुद को संभाल न सके। उन्होंने अपने बेटे की एक सेल्फी दिखाई जो हाल ही में उन्होंने एक साथ खिंचवाई थी।
एक ही चीख में सिमट गया मां का दर्द
तस्वीर देखते ही मां की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उनका दर्द उनकी एक ही चीख में सिमट गया। बेटी की लाश देखकर अपने होश खे बैठी मां की चीख में बार-बार यही सुनाई दिया कि 'अब किसे बनाऊंगी दूल्हा?' जवान बेटे की लाश देखकर मां का कलेजा फट गया और वह रो-रोकर बेसुध हो गईं।
भीड़ का 'विस्फोट' बना हादसे की वजह
रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस महानिदेशक जी वेंकटरामन ने घटना के मूल में भीड़ का अनुमान से तीन गुणा ज़्यादा होना बताया है। आयोजकों ने जहां 10,000 लोगों के आने का अनुमान लगाया था, वहीं वास्तविक संख्या करीब 27,000 तक पहुंच गई। पुलिस ने 20,000 लोगों के हिसाब से सुरक्षा इंतज़ाम किए थे, जो इस अनियंत्रित भीड़ के सामने नाकाफ़ी साबित हुए।
Karur Vijay Rally Stampede: कैसे मची भगदड़?
भीषण गर्मी, भोजन और पानी की पर्याप्त व्यवस्था न होने और थलपति विजय के आने के समय को लेकर फैले भ्रम ने हालात को और बिगाड़ दिया। डीजीपी ने बताया कि विजय की पार्टी टीवीके ने दोपहर 12 बजे घोषणा की, जबकि कार्यक्रम शाम 3 बजे से रात 10 बजे तक तय था। इस लम्बे इंतज़ार और कुप्रबंधन ने भीड़ को अधीर कर दिया, जिसका नतीजा यह दिल दहला देने वाली भगदड़ बनी।
जांच के लिए एक आयोग गठित
फिलहाल, राज्य सरकार ने हादसे की जांच के लिए एक आयोग गठित कर दिया है और मृतकों के परिजनों को मुआवज़े के साथ-साथ घायलों का मुफ्त इलाज कराने की घोषणा की है।












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