Karur Stampede Timeline: विजय को BJP का सपोर्ट-कटघरे में DMK सरकार! 41 मौतों का कौन जिम्मेदार? अब तक क्या हुआ?
Karur Stampede Timeline 2025: तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को अभिनेता विजय थलापति की तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की रैली में हुई भगदड़ ने राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। 41 लोगों की मौत (जिनमें 9 बच्चे और ज्यादातर महिलाएं शामिल) और 100 से ज्यादा घायलों की घटना ने DMK सरकार को कुप्रबंधन के आरोपों में घेर लिया।
BJP ने विजय का खुलकर समर्थन किया, जबकि CM एमके स्टालिन ने विजय की राजनीतिक पार्टी, TVK पर देरी और सुविधाओं की कमी का इल्जाम लगाया। सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। आइए, 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक की घटनाओं की पूरी टाइमलाइन देखें...

करूर के वेलुसामीपुरम में TVK रैली में विजय के देर से पहुंचने और भीड़ प्रबंधन की कमी से भगदड़ मची। TVK ने इसे 'DMK की साजिश' बताया, जबकि सरकार ने TVK पर जिम्मेदारी डाली। BJP ने DMK को 'अक्षम' ठहराते हुए विजय को 'पीड़ित' कहा। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जस्टिस अजय रस्तोगी की निगरानी में CBI जांच का आदेश दिया। अब तक TVK के दो पदाधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
Karur Stampede 2025 Timeline: 27 सितंबर से 15 अक्टूबर तक की घटनाएं
- 27 सितंबर 2025- भगदड़ का दिन: TVK की राज्यव्यापी यात्रा के तहत विजय की रैली का आयोजन। सुबह 9 बजे से भीड़ जमा होने लगी, लेकिन विजय दोपहर 12 बजे के शेड्यूल के बावजूद शाम 7 बजे पहुंचे (नामक्कल रैली में देरी के कारण)। भीड़ 25,000 तक पहुंच गई। विजय बस से उतरे, लेकिन भीड़ बेकाबू हो गई। तीन बार भगदड़ मची - पहली जब लोग ट्रांसफॉर्मर पर चढ़े, दूसरी विजय के भाषण के दौरान, और तीसरी बस के पीछे जाते समय। 32 लोग अस्पताल पहुंचे, जिनमें से कई मौत हो गई। पुलिस ने 500 से ज्यादा कर्मी तैनात किए थे, लेकिन भीड़ का अनुमान 10,000 था। TVK ने DMK (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) पर बिजली कटौती का आरोप लगाया।
- 28 सितंबर 2025- मौतों की संख्या बढ़ी, जांच का ऐलान: मौतों की संख्या 39 हो गई। CM स्टालिन ने पूर्व जज अरुण जगदीश की अगुवाई में जांच आयोग का गठन किया। विजय ने X(पूर्व में ट्विटर)पर शोक व्यक्त किया, मृतकों के परिवारों को ₹20 लाख और घायलों को ₹2 लाख मुआवजा घोषित किया। DMK ने TVK पर महिलाओं/बच्चों के लिए पानी-शौचालय न उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। मदुरै हाई कोर्ट ने TVK की रैलियों पर रोक लगाने की याचिका पर सुनवाई की।
- 29 सितंबर 2025- HC ने SIT का आदेश दिया: मदुरै बेंच ने तमिलनाडु पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से SIT गठित करने का निर्देश दिया। TVK ने इसे पक्षपाती बताया। पुलिस ने TVK के महासचिव एन 'बुसी' आनंद और संयुक्त महासचिव निर्मल शेखर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मौतों की संख्या 40 हो गई। BJP ने DMK पर 'राजनीतिक हत्या' का आरोप लगाया।
- 30 सितंबर से 5 अक्टूबर 2025- जांच और विवाद तेज: SIT ने फॉरेंसिक जांच शुरू की। TVK कार्यकर्ताओं पर एम्बुलेंस चालकों पर हमले का आरोप लगा। स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि TVK ने विजय के आने का समय बदल दिया, जिससे पुलिस की तैनाती प्रभावित हुई। BJP ने DMK को 'अक्षम' ठहराया। विजय ने परिवारों से वीडियो कॉल पर बात की। मौतों की संख्या 41 हो गई।
- 6 अक्टूबर 2025- विजय का शोक संदेश: विजय ने X पर भगदड़ को 'अपूरणीय क्षति' बताया। TVK ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, SIT की जगह पूर्व SC जज की निगरानी में जांच की मांग की।
- 7-8 अक्टूबर 2025- SC में याचिका: सुप्रीम कोर्ट ने TVK की याचिका पर सुनवाई की। BJP ने विजय का समर्थन किया, DMK पर 'साजिश' का आरोप लगाया। TVK के सलेम जिला सचिव वेंकटेशन को एम्बुलेंस हमले के मामले में गिरफ्तार किया गया।
- 9-10 अक्टूबर 2025- SC का CBI आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने CBI जांच का आदेश दिया, पूर्व जस्टिस अजय रस्तोगी की निगरानी में। TVK ने स्वागत किया। DMK ने इसे 'राजनीतिकरण' बताया। पुलिस ने TVK पर 'भीड़ बढ़ाने' का आरोप लगाया।
- 11-14 अक्टूबर 2025- राजनीतिक बयानबाजी: BJP ने DMK सरकार को 'कुप्रबंधन' का दोषी ठहराया। स्टालिन ने विधानसभा में TVK पर देरी और सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया। NDA सांसदों ने 8 सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट में 'पूर्ण प्रशासनिक पतन' का जिक्र किया। TVK ने DMK पर 'प्रतिशोध' का आरोप लगाया।
- 15 अक्टूबर 2025- विवाद चरम पर: स्टालिन ने विधानसभा में विजय पर निशाना साधा, TVK को जिम्मेदार ठहराया। BJP ने DMK को घेरा। CBI ने जांच शुरू की। TVK के दो पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज।
राजनीतिक प्रभाव: BJP का समर्थन, DMK पर दबाव
BJP ने विजय को 'पीड़ित' बताया और DMK पर 'राजनीतिक हत्या' का आरोप लगाया। NDA ने 8 सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट में 'पूर्ण कुप्रबंधन' का जिक्र किया। TVK ने DMK पर 'चुनावी साजिश' का इल्जाम लगाया। स्टालिन ने 11 शर्तों के साथ अनुमति देने और 500 से ज्यादा पुलिस तैनात करने का बचाव किया।
CBI जांच का महत्व क्या?सियासी भगदड़ का अंत कब?
सुप्रीम कोर्ट ने CBI को जांच सौंपी, पूर्व जस्टिस रस्तोगी की निगरानी में। TVK ने इसे स्वागत किया, DMK ने 'राजनीतिकरण' कहा। जांच में भीड़ प्रबंधन, देरी, और सुविधाओं की कमी पर फोकस होगा।
करूर भगदड़ ने तमिलनाडु की राजनीति को हिला दिया। विजय की TVK 2026 चुनावों में डेब्यू करने वाली है, लेकिन यह घटना ब्रेकथ्रू साबित हो सकती है। BJP का समर्थन और CBI जांच DMK पर दबाव बढ़ाएगी। क्या यह TVK के लिए सबक बनेगी या DMK के लिए राजनीतिक हार? समय बताएगा।
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(इनपुट- मीडिया सोर्स)












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