बेंगलुरू तक पहुंची 'पद्मावती' के विरोध की आग, भंसाली को खुली धमकी
राजस्थान में एक तरफ राजपूत समाज की महिलाएं और जयपुर में संत समाज फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में फिल्म के खिलाफ आवाजें उठ रही है।
नई दिल्ली। संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावती' की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है। पद्मावती के विरोध की आग बेंगुलुरू तक पहुंच गई है। बुधवार को बेंगलुरू में करणी सेना और राजपूत संगठनों ने 'स्वाभिमान' पदयात्रा निकालकर विरोध प्रदर्श किया।कई संगठन जगह-जगह फिल्म के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन पर बानी ये फिल्म शूटिंग के दिनों से ही सुर्ख़ियों में है। राजपूत संगठन से लेकर राजनीतिक जगत तक फिल्म के खिलाफ आवाजें उठ रही है। वहीं दूसरी तरह बॉलीवुड और कुछ नेता फिल्म के समर्थन में भी उतरे है।आपको बता दें कि फिल्म पद्मावती 1 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है।

पोस्टर पर लाल रंग से क्रॉस बनाकर विरोध
राजस्थान में एक तरफ राजपूत समाज की महिलाएं और जयपुर में संत समाज फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे है। वहीं दूसरी तरफ बेंगलुरु में फिल्म के खिलाफ आवाजें उठ रही है।बेंगलुरु में राजपूत करणी सेना के लोग हाथों में 'पद्मावती' के पोस्टर लिए विरोध-प्रदर्शन करते हुए फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे है। फिल्म के पोस्टर पर लाल रंग से क्रॉस का निशाना बना हुआ नजर आ रहा है। काफी संख्या में जुटे ये लोग सड़क पर फिल्म के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे है।

राजस्थान में महिलाओं ने किया विरोध
राजस्थान में करीब 300 महिलाओं ने इस फिल्म के विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया। साथ ही संकल्प लिया कि अगर इस मूवी को इतिहास के तथ्यों के साथ छेड़छाड़ के ही रूप में रिलीज किया तो राजपूत महिलाएं घर से निकल कर सड़क पर आ जाएंगी

डिस्ट्रीब्यूटर्स ने पीछे खींचे कदम
फिल्म के खिलाफ होते विरोध-प्रदर्शन के चलते राजस्थान में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स ने इसे मामला ठीक होने तक रिलीज करने से मना कर दिया है। फिल्म को लेकर विवाद थमने की बजाए बढ़ता जा रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में पद्मावती फिल्म के खिलाफ आवाजें उठ रही है।












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