'RSS के लिए हिंदू होने का मतलब BJP का सदस्य होना है...', सिद्धारमैया ने संघ पर उठाए गंभीर सवाल
'RSS के लिए हिंदू होने का मतलब BJP का सदस्य होना है...', सिद्धारमैया ने संघ पर उठाए गंभीर सवाल
चेन्नई,
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'RSS के कितने पदाधिकारी दलित और पिछड़े वर्ग से हैं...'
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सभी जातियां आरएसएस के इस हिंदू दृष्टिकोण में फिट बैठती हैं। सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा, ''आरएसएस, जो दावा करता है कि सभी हिंदू एक हैं, ने अपने सभी पदाधिकारियों के पदों को सिर्फ एक जाति के लिए आरक्षित क्यों किया है? आरएसएस के कितने पदाधिकारी दलित और पिछड़े वर्ग से हैं?''

'क्या RSS की उत्पत्ति भारत में हुई थी...?'
जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर 27 मई को एक भाषण के दौरान, सिद्धारमैया ने पूछा कि क्या आरएसएस की उत्पत्ति भारत में हुई थी और क्या यह आर्य या द्रविड़ संगठन था? सिद्धारमैया ने पूछा था, ''क्या आरएसएस भारत का मूल निवासी है? हम चुप हैं और इस पर बेवजह चर्चा नहीं करना चाहते। क्या आर्य इसी देश के हैं? क्या वे द्रविड़ हैं? हमें उनके मूल को देखना होगा...."

'पहले कांग्रेस ये घोषित करें कि वह आर्य हैं या द्रविड़...'
असल में सिद्धारमैया ने पाठ्यपुस्तक संशोधन समिति की सिफारिश पर कर्नाटक में भाजपा सरकार द्वारा चालू शैक्षणिक वर्ष के लिए आरएसएस के संस्थापक के बी हेडगेवार के भाषण को स्कूली पाठ्यपुस्तकों में शामिल करने की बात पर ये सवाल पूछे थे।
सिद्धारमैया की तरह कई कांग्रेस नेताओं ने अतीत में आरएसएस की उत्पत्ति को एडॉल्फ हिटलर और बेनिटो मुसोलिनी के तहत यूरोप में फासीवादी विचारधाराओं से जोड़ा है। सिद्धारमैया की टिप्पणी के जवाब में, सीएम बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता को पहले घोषित करना चाहिए कि "वह आर्य हैं या द्रविड़"।












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