राशन के सवाल पर भड़के कर्नाटक के मंत्री, किसान से कहा- मर जाओ, चौतरफा घिरे तो बोले- और क्या जवाब देता?

बेंगलुरु, अप्रैल 28। कोरोना वायरस महामारी के दौरान सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) से सरकारी राशन बांटने को लेकर एक किसान का सवाल पूछने पर कर्नाटक सरकार के एक मंत्री बुरी तरह उखड़ गए। मंत्री जी को इतना गुस्सा आ गया कि उन्होंने किसान को मर जाने को कह दिया।

किसान को दे डाली मर जाने की सलाह

किसान को दे डाली मर जाने की सलाह

मामला कर्नाटक के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री उमेश कट्टी से से जुड़ा है जो एक किसान के लॉकडाउन के दौरान गरीबों को बांटे जाने वाले राशन को लेकर पूछे गए सवालों पर उखड़ गए थे। मंत्री और किसान की बातचीत का ये ऑडियो राज्य में तेजी से वायरल हो रहा है।

ये बातचीत एक फोन कॉल पर हुई है। बातचीत की शुरुआत में किसान मंत्री से पूछता है कि सर अब आप 2 किलो चावल दे रहे हैं। ये कैसे हमारे लिए पर्याप्त होगा ? मंत्री जवाब देते हैं तो सरकार तीन किलो रागी भी दे रही है। जिस पर किसान मंत्री से कहता है कि यह उत्तरी कर्नाटक में उपलब्ध नहीं है। मंत्री कट्टी कहते हैं उत्तरी कर्नाटक में सरकार ज्वार और चावल बांट रही है। आगे की बातचीत में किसान के सवालों पर मंत्री कैसे भड़कते हैं पढ़िए।

पढ़िए, बातचीत का वो हिस्सा जब भड़के मंत्री

पढ़िए, बातचीत का वो हिस्सा जब भड़के मंत्री

किसान सवाल करता है- सर क्या वो पर्याप्त होगा? अब लॉकडाउन है और हम कुछ भी नहीं कमा रहे हैं। क्या ये पर्याप्त है?

मंत्री- लॉकडाउन के दौरान हर महीने केंद्र सरकार 5 किलो दे रही है। मई और जून के महीने में...
किसान पूछता है- "आप कब दे रहे हैं ?" इस पर मंत्री जवाब देते हैं "अगले महीने"
इस पर किसान फिर पूछता है कि तब तक, हम भूखे रहें या मरें?
किसान के इतना कहते ही मंत्री जी भड़क गए। बोले- अच्छा है मर जाओ। असल में यही वजह है कि हमने देना बंद कर दिया। कृपया मुझे फोन न करो।


मंत्री जी की ये बातचीत अब तेजी से वायरल हो रही है। कई लोगों ने मंत्री के इस व्यवहार के लिए सीएम येदियुरप्पा से उन्हें मंत्रीमण्डल से हटाने की मांग की है।

मंत्री ने बयान का अजीब तरीके से किया बचाव

मंत्री ने बयान का अजीब तरीके से किया बचाव

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने लिखा बीजेपी के मंत्री उमेश कट्टी ने एक नागरिक के साथ अभद्रता की और उसे मर जाने को कह दिया क्योंकि उसने ये सवाल पूछ लिया कि कर्नाटक सरकार ने क्यों पीडीएस में चावल कम करके 2 किलोग्राम कर दिया। सीएम येदियुरप्पा को ऐसे अंसवेदनशील बयान के लिए तत्काल उन्हें कैबिनेट से बाहर निकाल देना चाहिए। क्या इस सरकार के पास कोई शर्म बची है?

इस बयान के सामने आने के बाद इस पर दुख जाहिर करने के बजाय मंत्री अजीब तरीक से इसका बचाव कर रहे हैं। मंत्री से पत्रकारों से कहा "जब वह पूछ रहा है कि क्या मैं मर जाऊं, तो मुझे उससे क्या कहना चाहिए? जब आप मुझसे सही तरीके से पूछेंगे तो मैं भी आपको सही तरीके से जवाब दूंगा। आप मुझसे जिस तरह से पूछ रहे हैं मैं भी उसी लहजे और टोन में जवाब दे सकता हूं। जब उसने कहा कि वह मर जाना चाहता है तो मुझे उसे क्या जवाब देना चाहिए था।

यही नहीं पत्रकारों ने मंत्री जी को जवाब भी बताया लेकिन उसका भी असर नहीं हुआ। पत्रकारों ने कहा कि आपको कहना था कि "तुम्हें मरना नहीं चाहिए। सरकार तुम्हारी मदद के लिए है।" इस पर मंत्री कट्टी ने कहा "मेरे पास इतना बड़ा दिल नहीं है। मेरा दिल छोटा है।"

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

ये पहला मौका नहीं है जब अपनी टिप्पणी को लेकर मंत्री कट्टी कर्नाटक में बीजेपी के लिए मुश्किल बढ़ा रहे हैं। पिछली बार वह एक विवादास्पद फैसले की वजह से चर्चा में आए थे जब फरवरी में उन्होंने ऐलान किया था कि जिन परिवारों के पास टीवी और दो पहिया वाहन हैं वे अपना गरीबी रेखा के नीचे (बीपीएल) वाला कार्ड सरेंडर कर दें वरना उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने 31 मार्च तक की डेडलाइन भी दे डाली थी। उनके इस फैसले की उनकी ही पार्टी के नेताओं ने आलोचना की थी।

केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने कहा था कि इन दिनों किसी घर में टीवी और रेफ्रीजरेटर रखना सामान्य है। कुछ लोग दो पहिया वाहन भी खरीदते हैं। मंत्री ने इस बारे में मौखिक ही बयान दिया होगा। इस मामले पर व्यापक सहमति की जरूरत है। चौतरफा आलोचना के बाद कट्टी ने कहा था कि ऐसा कोई आदेश पारित नहीं किया गया है।

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