कर्नाटक: इस्तीफे देने से पहले मंत्री ईश्वरप्पा ने कहा-क्लीन चिट मिलते ही कैबिनेट में करूंगा वापसी
बेंगलुरु, 15 अप्रैल: कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले ठेकेदार संतोष के पाटिल मामले में घिरे कर्नाटक के ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री (आरडीपीआर) केएस ईश्वरप्पा ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा देने से पहले कहा कि, संतोष के पाटिल द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच में मुझे क्लिन चिट मिलते ही मैं कैबिनेट में लौट आऊंगा। बता दें कि केएस ईश्वरप्पा पर एक ठेके के लिए 40 फीसदी कमीशन मांगने का आरोप लगाने वाला ठेकेदार मंगलवार सुबह उडुपी के एक लॉज में मृत मिला था।

ईश्वरप्पा ने शुक्रवार को अपना इस्तीफा सौंपने से कुछ घंटे पहले कहा कि, मेरे खिलाफ एक आरोप लगाया जा रहा है, क्या मुझे इससे बेदाग बाहर आना चाहिए या नहीं... अगर जांच जारी रहने के दौरान मैं मंत्री बना रहता हूं तो यह महसूस होगा कि मैं उसको प्रभावित कर सकता हूं। इसलिए मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। मैं आपको बता रहा हूं कि मैं निर्दोष निकलूंगा और निश्चित रूप से एक बार फिर मंत्री बनूंगा।
उन्होंने यह बात यहां समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बताई, जो उनके बेंगलुरू रवाना होने से पहले उनसे इस्तीफा नहीं देने के लिए नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि, समर्थकों को बहुत स्पष्ट रूप से बताया है कि यह एक "अग्नि परीक्षा" है, उनके खिलाफ एक आरोप लगाया गया है, और कुछ लोगों ने उसके विरुद्ध षड्यन्त्र रचा है। एक राजनीतिक हंगामे के बीच, ईश्वरप्पा ने बृहस्पतिवार शाम को मंत्री के रूप में अपने इस्तीफे की घोषणा की थी।
इस घटना में ईश्वरप्पा के दो सहयोगियों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हुई है। दरअसल खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताने वाले पाटिल ने 30 मार्च को आरोप लगाया था कि उसने आरडीपीआर विभाग में एक काम किया था और चाहते थे कि इसका भुगतान हो, लेकिन ईश्वरप्पा ने चार करोड़ रुपये के काम में 40 प्रतिशत कमीशन की मांग की थी। मंत्री ने ना केवल आरोप का खारिज किया, बल्कि उसके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दायर किया।












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