कर्नाटक सरकार का आदेश, बैंक फ्रॉड केस की होगी CBI जांच
कर्नाटक सरकार ने कथित बैंक फ्रॉड केस में सीबीआई जांच का आदेश दिया है। बेंगलुरू स्थित श्री गुरू राघवेंद्र, गुरू सर्वभूमा और वशिष्ठ कोऑपरेटिव बैंक में हुए फर्जीवाड़ा की वजह से बहुत लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है, जिसकी वजह से कर्नाटक सरकार ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं।

गौर करने वाली बात है कि लंबे समय से बैंक के निवेशक, जमाकर्ता इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि बैंक के कामकाज की जांच सीबीआई से कराई जाए। पिछली सरकार के दौरान भी सीबीआई जांच की मांग उठी ती। उस वक्त कई जमाकर्ताओं ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी इस मामले में मुलाकात की थी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि हजारों जमाकर्ताओं ने अपनी जीवनभर की कमाई इस बैंक में जमा की है, उनके शादी के सपने, घर खरीदने के सपने आदि इस बैंक में जमा हैं। बैंक फ्रॉड की वजह से सभी जमाकर्ता अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
जब मैं विपक्ष का नेता था उस वक्त भी मैंने इस मुद्दे को उठाया था, मैंने बैंक के फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई थी और सीबीआई जांच की मांग की थी ताकि जमाकर्ताओं के साथ न्याय हो सके। मैंने लोगों की झुंझलाहट और तकलीफ को देखा है, जिन लोगों के पैसे इस बैंक में जमा हैं। लिहाजा मैं भरोसा दिलाता हूं कि सभी को न्याय मिलेगा, इसी लिए हमने इस मामले की सीबीआई जांच कराने का फैसला लिया है।
2020 में आरबीआई ने इस बैंक से निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया था। जांच में यह बात सामने आई थी कि 2500 करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा इस बैंक में हुआ है, यह फर्जीवाड़ा बैंक मैनेजमेंट की ओर से किया गया है। इस मामले में ईडी ने 159 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की है और इस मामले की जांच कर रही है।
बैंक के 45000 जमाकर्ताओं में से अधिकतर लोगों के पास 5 लाख रुपए तक की जमा राशि पर डिपॉजिट इंश्योरेंट एंड क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन का बीमा है। लेकिन 15000 जमाकर्ता ऐसे हैं जिनका इस बैंक में 6 लाख रुपए से अधिक जमा है, उन्हें अभी तक अपनी कुल जमा राशि पर राहत नहीं मिल सकी है।












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