55 घंटे बाद येदुरप्पा के इस्तीफे को ममता बनर्जी और चंद्रबाबू नायडू ने बताया लोकतंत्र की जीत
कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस यदुरप्पा ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सिर्फ 55 घंटे पहले शपथ लेने वाले यदुरप्पा ने बिना शक्ति परीक्षण के ही अपना इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। कर्नाटक में 14 मई को जब से विधानसभा चुनावों के नतीजे आए हैं तब से ही सियासी उठापटक जारी है।
बेंगलुरु। कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री बीएस यदुरप्पा ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सिर्फ 55 घंटे पहले शपथ लेने वाले यदुरप्पा ने बिना शक्ति परीक्षण के ही अपना इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया। कर्नाटक में 14 मई को जब से विधानसभा चुनावों के नतीजे आए हैं तब से ही सियासी उठापटक जारी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यदुरप्पा को शनिवार को शक्ति परीक्षण का आदेश दिया गया था। इसके बाद शनिवार को पूरे दिन सियासी उठापटक जारी रही।

ममता बनर्जी ने दी देवेगौड़ा की बधाई
इस पूरे ड्रामे पर सबसे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट किया। ममता ने लिखा कि आज का दिन लोकतंत्र की जीत के तौर पर याद किया जाएगा। इसके साथ ही ममता ने एचडी देवेगौड़ा, कुमारस्वामी और राज्य की जनता को बधाई दी है। वहीं आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से कहा है कि वह सभी लोग जो लोकतंत्र में यकीन करते हैं यह उनके लिए बड़ी जीत है। नायडू ने यह बात न्यूज एजेंसी एएनआई की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में कही। उनसे पूछा गया था कि बीएस यदुरप्पा ने कर्नाटक के मुख्श्मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, ऐसे में क्या वह खुश हैं?
क्या बोले राहुल गांधी
वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया कि किसी ने कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी जो कुछ भी कर रही थी, उस पर ध्यान दिया। उन्होंने बीजेपी विधायकों और स्पीकरों पर राष्ट्रगान से पहले सदन छोड़ने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इससे साबित होता है कि बीजेपी सत्ता में आने पर किसी भी संस्था का अपमान कर सकती है। राहुल की मानें तो बीजेपी और आरएसएस दोनों ने ही संस्थानों का अपमान किया है।












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