Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Karnataka election result: RSS के गढ़ में बीजेपी का खराब प्रदर्शन, संघ और पार्टी में तालमेल का अभाव?

Karnataka election result: कर्नाटक चुनाव में बीजेपी की हार की जो वजहें सामने आ रही हैं, उसमें यह भी है कि आरएसएस और बीजेपी के बीच कई जगह तालमेल का अभाव था।

Karnataka election result BJP RSS

Karnataka election result: बीजेपी को पूरे कर्नाटक में बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। लेकिन, खासकर कित्तूर कर्नाटक (बॉम्बे कर्नाटक) और तटीय कर्नाटक में उसके प्रदर्शन में जो कमी रही है, वह चौंकाने वाला है। क्योंकि, यह इलाका राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का गढ़ माना जाता है। इसलिए यह उसके लिए भी चिंता की वजह बन गया है।

संघ के गढ़ में क्यों खराब हुआ भाजपा का प्रदर्शन?
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष कर्नाटक के ही हैं। बीजेपी में यह पद आरएसएस से आए व्यक्ति को ही देने की परंपरा रही है। ईटी की एक खबर के मुताबिक संघ को लगता है कि इन क्षेत्रों में बीजेपी के खराब प्रदर्शन की वजह आपसी तालमेल का अभाव मुख्य कारण हो सकता है।

तीन अंकों में सीटें मिलने की थी उम्मीद
संघ सूत्रों के मुताबिक उन्हें जो फीडबैक मिल रहे थे, उसके अनुसार पार्टी को तीन डिजिट में सीटें मिल रही थीं, लेकिन जो परिणाम आया है, वह उनके लिए भी चौंकाने वाला है। संघ के बड़े पदाधिकारियों में से महराष्ट्र के बाद अधिकतर लोग कर्नाटक से ही आते हैं।

संघ में भी कर्नाटक के लोगों का है दबदबा
सूत्रों का कहना है कि संघ के सह-सरकार्यवाह सीआर मुकुंद संघ और प्रदेश के बीजेपी नेताओं के साथ लगातार समन्वय बनाने में लगे हुए थे। वह भी प्रदेश के ही रहने वाले हैं। जहां तक बीएल संतोष की बात है तो वह टेक-सेवी भी हैं और राज्य में पार्टी के मामलों में भी उनकी बड़ी दखल रही है।

संघ और पार्टी में तालमेल का अभाव-रिपोर्ट
संघठन के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि संघ से जुड़े बीजेपी नेताओं और प्रदेश में पार्टी के पुराने नेताओं के बीच तालमेल में कमी थी। कई उम्मीदवार जो संघ के बैकग्राउंड वाले थे, उन्हें स्थानीय बीजेपी के लोगों से समर्थन नहीं मिल पाया। खासकर यह दिक्कत कित्तूर कर्नाटक (बॉम्बे कर्नाटक) क्षेत्र में देखने को मिली।

संघ के पदाधिकारियों पर भी लग रहे हैं आरोप
गौर करने वाली बात ये है कि यह वही इलाका है, जहां भाजपा के दिग्गज और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का टिकट कटा तो उन्होंने बगावत का झंडा बुलंद किया। वहीं प्रदेश के एक बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता कुछ मंत्रियों समेत कई सीटिंग एमएलए का टिकट काटना चाहते थे, लेकिन संघ की वजह से उनकी उम्मीदवारी बच गई।

राजनतीकि रूप से अप्रभावी लोगों को दिया टिकट!
उन्होंने कहा, संघ ने कुछ ऐसे उम्मीदवारों के नाम दिए, जो राजनीतिक रूप से प्रभावी नहीं थे। वैसे इस मसले पर संघ की ओर से बैठक बुलाई गई है और कर्नाटक विधानसभा चुनावों को लेकर और प्रदेश में संघ और भाजपा के बीच तालमेल को लेकर भी एक रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

बीएल संतोष पर भी उठ रहे हैं सवाल
कर्नाटक में बीजेपी को जिस तरह की हार का सामना करना पड़ा है, उसकी वजह से प्रभावशाली महासचिव संतोष भी सवालों के घेरे में हैं। वह पार्टी को वैचारिक रूप से सशक्त बनाने की कोशिश में थे, लेकिन चुनावी राजनीति में उन्हें कुछ समझौते भी करने पड़े। ऐसे में वैचारिक संगठन और पार्टी संगठन में जो तालमेल की कमी सामने आ रही है, उससे उनकी स्थिति कमजोर हुई है।

Recommended Video

    Karnataka Election में BJP को मिली हार को Himanta Biswa Sarma ने बताया Trend | वनइंडिया हिंदी

    224 सीटों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस को 135, बीजेपी को 66, जेडीएस को 19, निर्दलीय को 2 और अन्य को भी 2 सीटें मिली हैं। कांग्रेस का वोट शेयर जहां 42.88% रहा है, वहीं भाजपा का 36.00%. जबकि, जेडीएस को राज्य में 13.29% वोट मिले हैं।

    More From
    Prev
    Next
    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+