कर्नाटक: मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए पहली बार डीके शिवकुमार ने तोड़ी चुप्पी, बोल दी मन की बात
कर्नाटक में अगर कांग्रेस जीतती है तो सीएम पद पर किसे बैठाया जाएगा इसको लेकर सिद्धारमैया ने पहले ही अपना रुख साफ कर दिया था वहीं अब इस पद के दूसरे प्रबल दावेदार शिवकुमार ने अपनी चुप्पी तोड़ी है।

कर्नाटक विधानभा चुनाव 10 मई को होगा और चुनाव परिणाम 13 मई को घोषित होगा। कनार्टक की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने गुरुवार का अपने 42 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। अगर कांग्रेस मई में कर्नाटक चुनाव जीतती है तो उनकी सरकार में मुख्यमंत्री कौन होगा इसका कांग्रेस ने अभी खुलासा नहीं किया है।

हालांकि कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री की सीट के दो प्रबल दावेदार है जिनमें एक सिद्धारमैया हैं और दूसरे डीके शिवकुमार हैं। अभी तक माना जा रहा था कि सीएम पद को लेकर कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच दरार है।

हालांकि सिद्धारमैय सीधे तौर पर कह चुके हैं कि सीए पद के असली दावेदार वो ही हैं। वहीं अब डीके शिवकुमार ने सीएम पद को लेकर पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है।
मुख्यमंत्री कौन होगा, इसे लेकर कांग्रेस में किसी भी तरह की दरार के सुझावों को खारिज करते हुए राज्य इकाई के प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा है कि उन्हें इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुख्यमंत्री बनने की उनकी आकांक्षाओं के बारे में पूछे जाने पर डी के शिवकुमार ने अपने हाल के इंटरव्यू में जवाब दिया है।
शिवकुमार ने कहा मैं पार्टी का एक वफादार व्यक्ति रहा हूं, पार्टी के साथ कभी विश्वासघात नहीं किया और कांग्रेस अगर 2023 का चुनाव जीतती है तो पार्टी आलाकमान उन लोगों को पुरस्कृत करने का ध्यान रखेगी जिन्होंने मुश्किल समय में पार्टी के साथ खड़े रहे हैं।
डी के शिवकुमार ने कहा पार्टी नेतृत्व वफादारी और कड़ी मेहनत का इनाम जरूर देगी। जब पार्टी कमजोर स्थिति में थी तब उन्होंने इसे संभाला था और इसे पुनर्जीवित करने के लिए अथक प्रयास किया था।
शिवकुमार ने कहा मैं सोया नहीं हूं और राज्य के कोने-कोने में घूमा हूं और साथ ले गया हूं। हमने भाजपा के खिलाफ एक मजबूत संगठन और संयुक्त मोर्चा बनाया है।
शिवकुमार ने कहा पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ आपसी कलह और प्रतिद्वंद्विता की खबरों को खारिज कर दिया, जिन्हें शीर्ष पद के दावेदार के रूप में भी देखा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे एक साथ काम कर रहे थे और भाजपा शरारत कर रही थी और उन्हें विभाजित करने की कोशिश कर रही थी। इसके साथ ही उन्होंने झूठी अफवाहें फैलाने के लिए मीडिया के एक वर्ग को भी दोषी ठहराया। उन्होंने कहा हम सब एक साथ हैं। भाजपा को हराने और कर्नाटक की गरिमा को बहाल करने का हमारा एक समान लक्ष्य है।
वहीं डीके शिवकुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाले जनता दल (सेक्युलर) के साथ इस बार सरकार बनाने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं था और जेडीएस ने बिना जनादेश के बीजेपी से हाथ मिलाकर दो बार लोगों को धोखा दिया है।
उन्होंने कहा कुमारस्वामी अपने वादों को पूरा करने में विफल रहे हैं और लोगों ने उन्हें देख लिया है। उन्होंने कहा, "हम जेडीएस के साथ गठबंधन नहीं करेंगे। हम उनसे जी जान से लड़ेंगे।












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