'देश के सभी मुसलमान और क्रिश्चियन RSS में आएंगे', कर्नाटक विधानसभा में भारत के 'भविष्य' पर बहस
बेंगलुरु, 24 मार्च: कर्नाटक विधानसभा में गुरुवार को विपक्ष के नेता सिद्धारमैया ने ही एक ऐसी बहस छेड़ दी, जिसपर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को लेकर सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को अपनी बात रखने का मौका मिल गया। इस बहस में स्पीकर ने हल्के-फुल्के अंदाज में एंट्री की थी, लेकिन विपक्ष ने तूल दिया और सत्ता पक्ष के लोग इसको लेकर देश की भविष्यवाणी करने लग गए। मंत्रियों ने आरएसएस से जुड़े लोगों को देश के सर्वोच्च पदों पर बैठने को भारत का 'सौभाग्य' बताया तो विपक्षी कांग्रेस के विधायक ने इसे 'दुर्भाग्य' कह डाला। बात नेताओं के राजनीति से अलग व्यक्तिगत संबंधों से निकली थी और वह बढ़कर देश के सभी मुसलमानों और क्रिश्चियनों के भविष्य तक पहुंच गई।

एक दिन आप सब भी कहेंगे हमारा आरएसएस-स्पीकर
कर्नाटक विधानसभा में राज्य के एक मंत्री ने गुरुवार को कहा है कि एक दिन देश के सभी मुसलमान और क्रिश्चियन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का हिस्सा बनेंगे। सदन में कानून और व्यवस्था पर बहस शुरू हुई थी और यह इतनी आगे तक गई कि ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा ने यह बात कह दी। दरअसल, उन्होंने यह टिप्पणी तब की जब विधानसभा के स्पीकर विश्वेश्वर हेगड़े कगेरी ने 'हमारे आरएसएस' शब्द का इस्तेमाल किया और बोले कि एक दिन ऐसा आएगा जब, विपक्ष के विधायक भी यही कहेंगे। स्पीकर ने कहा, 'यह हमारा आरएसएस है, मेरा आरएसएस। आने वाले दिन में आप सब भी यह कहेंगे।' इसपर कांग्रेस के विधायकों ने आपत्ति दर्ज करने में जरा भी देर नहीं लगाई।

'मैं कभी भी आरएएस का हिस्सा नहीं बनूंगा'
इसपर कांग्रेस एमएलए केएम जॉर्ज ने तुरंत बहसबाजी शुरू कर दी कि, 'यह कहने वाले आप कौन हैं कि क्रिश्चिचय और मुस्लिम हमारा आरएसएस कहेंगे।' विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया बोले कि 'मैं कभी भी आरएएस का हिस्सा नहीं बनूंगा और ना ही कभी इसका नाम लूंगा।' न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक यह बहस इस वजह से शुरू हुई कि सिद्धारमैया सत्ताधारी दल के कुछ नेताओं और मंत्रियों से निजी ताल्लुकातों का जिक्र किया था। उन्होंने कहा कि, 'व्यक्तिगत संबंध महत्वपूर्ण हैं, इसके बाद पार्टी से जुड़े मतभेद आते हैं- बीजेपी, आरएसएस, कांग्रेस और बाकी...।'

'एक दिन.......आपको भी हमारा आरएसएस कहना होगा'
सिद्धारमैया की इसी बात पर स्पीकर ने हल्के-फुल्के अंदाज में उनसे पूछ लिया कि 'आप हमारे आरएएस को लेकर परेशानी क्यों महसूस कर रहे हैं?' इसपर दिग्गज कांग्रेसी ने सफाई दी कि वह किसी भावना से जुड़कर यह नहीं कह रहे थे। लेकिन, इसपर उनकी पार्टी के विधायक जमीर अहमद खान ने स्पीकर से कहा, 'आप उस आसन पर बैठकर 'हमारा आरएसएस' कह रहे हैं?' इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने जवाब दिया कि 'अगर हमारा आरएसएस न कहूं तो क्या कहूं? हां.....यह हमारा आरएसएस है। आरएसएस हमारा है....जमीर, मैं आपको एक चीज बता रहा हूं, अगर आज नहीं तो भविष्य में एक दिन, हमारे देश में, आपको भी हमारा आरएसएस कहना होगा- निश्चित।' इसपर कुछ कांग्रेस विधायक कहने लगे कि ऐसा दिन कभी नहीं आएगा।
'देश के सभी मुसलमान और क्रिश्चियन आरएसएस में आएंगे'
इस दौरान राजस्व मंत्री आर अशोका भी बहस में कूद पड़े और कहा कि संघ 'सर्व व्यापी और सर्व स्पर्शी' बन चुका है। 'हमारे देश के राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी आरएसएस से हैं। इसे सभी को स्वीकार करना पड़ेगा.....यह हमारा सौभाग्य है।' इसपर कांग्रेस के कुछ विधायकों ने इसे देश का 'दुर्भाग्य' बताया। वहीं ग्रामीण विकास मंत्री केएस ईश्वरप्पा तो यहां तक बोल गए कि 'देश के सभी मुसलमान और क्रिश्चियन आज नहीं तो भविष्य में किसी दिन आरएसएस के हो जाएंगे। इसमें कोई शक नहीं ।'












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