राहुल गांधी को इशारों में बहुत कुछ सुना गए कपिल सिब्बल ! सुनिए क्या बोले ?
नई दिल्ली, 29 सितंबर: कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने पार्टी की हालत पर एक बार फिर से जमकर भड़ास निकाली है और सीधे मौजूदा नेतृत्व पर इशारों में ही सही, जोरदार वार कर दिया है। लगता है कि कपिल सिब्बल कांग्रेस में हाल में लिए गए कुछ फैसलों से बहुत ही नाराज हैं। हालांकि, वे अभी भी कांग्रेस को एकजुट रखने की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि हमारी पार्टी में अभी कोई अध्यक्ष नहीं है,फिर फैसले कौन ले रहा है। उन्होंने जी-23 की उन मांगों को फिर से उठाया है, जिसमें आंतरिक चुनावों की मांग की गई थी और कहा है कि वे सारे नेता आज भी उसपर ऐक्शन के इंतजार में हैं और वो उन सभी नेताओं की ओर से मीडिया से बात कर रहे हैं। सिब्बल जो कुछ बोल रहे हैं, उसका इशारा सीधे पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर लग रहा है।
Recommended Video

'तुरंत सीडब्ल्यूसी आयोजित की जाए'
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा है, 'मैं आपसे (मीडिया से) उन कांग्रेस नेताओं की ओर से बात कर रहा हूं, जिन्होंने पिछले साल अगस्त में चिट्ठी लिखी थी और अध्यक्ष , सीडब्ल्यूसी और सेंट्रल इलेक्शन कमिटी के चुनाव के संबंध में हमारी लीडरशिप की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।' उन्होंने कहा है कि 'मुझे लगता है कि एक वरिष्ठ सहयोगी ने शायद लिख दिया है या कांग्रेस अध्यक्ष को तुरंत सीडब्ल्यूसी आयोजित करने के लिए लिखने वाले हैं, ताकि चर्चा हो सके कि हमा ऐसी स्थिति में क्यों हैं। '
हमारी पार्टी में फैसले कौन ले रहा है- सिब्बल
कपिल सिब्बल ने जो कुछ कहा है उससे जाहिर है कि वह पार्टी की मौजूदा स्थिति और उसके लिए जिम्मेदार लोगों से सख्त नाराज हैं; और उनका इशारा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के बेटे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की ओर ही लग रहा है। क्योंकि, हाल में राहुल गांधी ही पार्टी में नेतृत्व के स्तर पर सबकुछ तय करते नजर आ रहे हैं। सिब्बल ने कहा है- 'हमारी पार्टी में कोई अध्यक्ष नहीं है, इसलिए हम नहीं जानते कि फैसले कौन ले रहा है। हम जानते हैं और फिर भी हम नहीं जानते हैं।'
'जो उनके करीबी थे वे तो छोड़कर चले गए'
इसके साथ ही कपिल सिब्बल ने पार्टी की विचारधारा से जुड़े होने की बात कहकर यह भी साफ कर दिया है कि ग्रुप-23 के नेता कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं। उन्होंने कहा है, 'हम (ग्रुप 23 के नेता) उनमें से नहीं हैं जो पार्टी छोड़ देंगे और कहीं और चले जाएंगे। यह बिडंबना है। जो उनके (लीडरशिप) करीबी थे वे चले गए और जिन्हें वह अपना करीबी नहीं मानते हैं, वह अभी भी उनके साथ ही डटे हुए हैं।' उन्होंने दो टूक कहा है कि 'हम जी-23 हैं, निश्चित रूप से हम जी हुजूर-23 नहीं हैं..... हम मुद्दे उठाते रहेंगे।' गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में कांग्रेस से कई नेता निकल चुके हैं, जिनमें ज्योतिरादित्य सिंधिया, जितिन प्रसाद और सुष्मिता देब जैसे लोग शामिल हैं। खास बात ये है कि ये सारे नेता गांधी परिवार और खासकर राहुल गांधी के बहुत ही करीबी रह चुके हैं।
#WATCH | We (leaders of G-23) are not the ones who will leave the party & go anywhere else. It is ironic. Those who were close to them (party leadership) have left & those whom they dont consider to be close to them are still standing with them: Congress leader Kapil Sibal pic.twitter.com/q5RP2cUQKN
— ANI (@ANI) September 29, 2021
गौरतलब है कि जी-23 में कपिल सिब्बल के अलावा मनीष तिवारी, गुलाम नबी आजाद और शशि थरूर जैसे लोग शामिल हैं। इन्होंने पिछले साल सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र बहाली के लिए संगठनात्मक चुनाव करवाने की मांग की थी। इसके साथ ही इन्होंने पार्टी में बिना चुने हुए नेताओं की 'कथित मनमानी' पर भी आपत्ति जताई थी। उसके बाद से इस ग्रुप के अधिकतर नेताओं को कांग्रेस की मुख्यधारा से अलग रखा जा रहा है। इनमें से तिवारी और सिब्बल ही अक्सर अपनी मांगों को लेकर मुखर होते रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications