एनकाउंटर में मारा गया 'कानपुर का कातिल' विकास दुबे, देखिए तस्वीरें
नई दिल्ली। कानपुर एनकाउंटर का मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया है। उसे कानपुर ले जाने वाली एसटीएफ के काफिले की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस दौरान विकास दुबे ने एसटीएफ के पुलिसकर्मियों की पिस्टल छीन कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस टीम ने विकास दुबे पर जवाबी फायरिंग की। इस एनकाउंटर में एक गोली विकास के सिर पर लगी और वो गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसके बाद अस्पताल ले जाते वक्त ही उसने दम तोड़ दिया, पुलिस ने उसकी मौत की अधिकारिक पुष्टि कर दी है।
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एसटीएफ की गाड़ी पलटी
विकास दुबे को मध्य प्रदेश से कानपुर लेकर आ रही उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की गाड़ियों में से एक कार पलट गई। पुलिस घटनास्थल पर मौजूद रही। विकास दुबे को कल उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था। कानपुर पश्चिम एसपी ने बताया, विकास दुबे को जब लाया जा रहा था तब गाड़ी पलट गई, इसमें जो पुलिसकर्मी घायल हुए उसने उनका पिस्टल छीनने की कोशिश की। पुलिस ने उसे चारों तरफ से घेर कर आत्मसमर्पण कराने की कोशिश की जिसमें उसने जवाबी फायरिंग की। आत्मरक्षा में पुलिस ने फायरिंग की।

कई दिनों से तलाश कर रही थी पुलिस
पुलिस कई दिनों से इस कुख्यात आरोपी की तलाश में जुटी थी। एक दिन पहले ही विकास दुबे जब उज्जैन के महाकाल मंदिर जा रहा था, तब उसे एक सुरक्षाकर्मी ने पहचान लिया। जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई, इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया था। बता दें कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों से मुठभेड़ में डीएसपी देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। तभी से पुलिस इनकी तलाश में जुटी थी।

लगातार खोज में जुटी रही पुलिस
बता दें कि मोस्टवांटेंड गैंगस्टर विकास दुबे को खोजने में पूरा पुलिस महकमा जुटा हुआ था, फरीदाबाद में भी विकास दुबे का होने का दावा किया गया था। एक सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा था कि वह ऑटो में सवार होकर जा रहा है। विकास दुबे के नोएडा में फिल्म सिटी में सरेंडर करने को लेकर दिनभर सूचना चलती रही। इन सूचना को लेकर फिल्म सिटी के चप्पे-चप्पे पर सुबह से लेकर देर रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। फिर गुरुवार को उसे उज्जैन से गिरफ्तार किया गया।

विकास दुबे पर 60 से ज्यादा केस दर्ज थे
विकास दुबे पिछले कई दिनों से फरार चल रहा था, यूपी एसटीएफ और पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद भी वो पुलिस की गिरफ्त से दूर था, जुर्म की दुनिया का खौफनाक नाम विकास दुबे वही अपराधी था, जिसने साल 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी, हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ 60 से ज्यादा केस दर्ज थे और अब उसके सिर पर इनाम की राशि भी बढ़ा दी गई थी, उसकी खबर देने वाले को पांच लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की गई थी।

पुलिस के जवान भी घायल हुए
इस दौरान पुलिस के कुछ जवान भी घायल हो गए हैं, जिनका फिलहाल इलाज चल रहा है। इस मामले में अधिक जानकारी देते हुए IG कानपुर रेंज मोहित अग्रवाल ने कहा, पुलिस के चार लोग घायल हुए हैं, उनका इलाज चल रहा है।












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