Kanpur Encounter Case: मारे गए विकास दुबे के दो और करीबी, कानपुर में प्रभात तो इटावा में रणबीर शुक्ला ढेर
लखनऊ। कानपुर शूटआउट के मुख्य आरोपी विकास दुबे के बेहद करीबी प्रभात मिश्रा और रणबीर शुक्ला को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है, बता दें कि प्रभात मिश्रा को पुलिस ने फरीदाबाद के होटल से गिरफ्तार किया था, पुलिस का कहना है कि प्रभात हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था इस दौरान पुलिस को उसके ऊपर गोलियां चलानी पड़ीं। वहीं विकास दुबे का एक दूसरा साथी रणवीर उर्फ बम्मन भी इटावा में हुई मुठभेड़ में मारा गया है उसके ऊपर 50000 का इनाम भी घोषित था।
Recommended Video

प्रभात मिश्रा ने पुलिस वालों पर किया हमला
इस बारे में बात करते हुए आईजी मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस टीम प्रभात मिश्रा को ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ला रही थी, हाइव पर रास्ते में गाड़ी पंचर हो गई, इस दौरान प्रभात ने पुलिस पर हमला कर दिया और हथियार छीनकर भागने की कोशिश की, जिसकी वजह से उस पर गोली चलानी पड़ी, इस एनकाउंटर में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

रणवीर उर्फ बम्मन का एनकाउंटर इटावा में
तो वहीं रणवीर उर्फ बम्मन का एनकाउंटर इटावा में हुआ है, दरअसल देर रात थाना सिविल लाइन क्षेत्र से स्विफ्ट डिजायर गाड़ी लूटकर भाग रहे बदमाश पर पुलिस ने फायरिंग शुरू की, इस फायरिंग के दौरान एक बदमाश मारा गया, जिसकी पहचान विकास दुब के करीबी रणबीर शुक्ला के रूप में हुई, हालांकि, उसके तीन साथी भागने में कामयाब रहे, फिलहाल इटावा पुलिस ने आस-पास के जिले को अलर्ट कर दिया है, रणवीर भी कानपुर शूटआउट का एक आरोपी था।

मोस्टवांटेंड गैंगस्टर विकास दुबे अभी भी फरार
बता दें कि मोस्टवांटेंड गैंगस्टर विकास दुबे को खोजने में पूरा पुलिस महकमा जुटा हुआ है, कल फरीदाबाद में विकास दुबे का होने का दावा किया गया था। एक सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा था कि वह ऑटो में सवार होकर जा रहा है। विकास दुबे के नोएडा में फिल्म सिटी में सरेंडर करने को लेकर दिनभर सूचना चलती रही। इन सूचना को लेकर फिल्म सिटी के चप्पे-चप्पे पर सुबह से लेकर देर रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।

विकास दुबे के खिलाफ 60 से ज्यादा केस दर्ज
मालूम हो कि विकास दुबे पिछले 7 दिनों से फरार चल रहा है, यूपी एसटीएफ और पुलिस की लाख कोशिशों के बावजूद भी वो अभी पुलिस की गिरफ्त से दूर है, जुर्म की दुनिया का खौफनाक नाम विकास दुबे वही अपराधी है, जिसने साल 2001 में राजनाथ सिंह सरकार में मंत्री का दर्जा पाए संतोष शुक्ला की थाने में घुसकर हत्या की थी, हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के खिलाफ 60 से ज्यादा केस दर्ज हैं और अब उसके सिर पर इनाम की राशि भी बढ़ा दी गई है, उसकी खबर देने वाले को पांच लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा।
आठ पुलिसकर्मी शहीद
आपको बता दें कि कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में को कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों से मुठभेड़ में डीएसपी देवेंद्र मिश्र समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।












Click it and Unblock the Notifications