कन्हैया बोले- दिल्ली सरकार को सेडिशन केस की परमिशन देने के लिए धन्यवाद
नई दिल्ली। जेएनयू देशद्रोह के मामले में सीपीआई के नेता कन्हैया कुमार पर देशद्रोह का मुकदमा चलेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को स्वीकृति दे दी। दिल्ली सरकार की ओर से देशद्रोह केस को दी गई स्वीकृति के लिए कन्हैया कुमार ने केजरवाल सरकार का धन्यवाद किया है। उन्होंने इस ट्वीट में सेडिशन कानून के दुरूपयोग का मामला उठाते हुए बीजेपी पर हमला भी बोला है।
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शुक्रवार को दिल्ली सरकार की ओर से देशद्रोह केस को स्वीकृति दिए जाने के बाद पूर्व जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने केंद्र की मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए ट्विटर पर लिखा कि, सेडिशन केस में फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट और त्वरित कार्रवाई की जरुरत इसलिए है ताकि देश को पता चल सके कि कैसे सेडिशन क़ानून का दुरूपयोग इस पूरे मामले में राजनीतिक लाभ और लोगों को उनके बुनियादी मसलों से भटकाने के लिए किया गया है।
कन्हैया कुमार ने अगले ट्वीट में टीवी चैनलों पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया कि, दिल्ली सरकार को सेडिशन केस की परमिशन देने के लिए धन्यवाद। दिल्ली पुलिस और सरकारी वकीलों से आग्रह है कि इस केस को अब गंभीरता से लिया जाए, फॉस्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल हो और टीवी वाली 'आपकी अदालत' की जगह कानून की अदालत में न्याय सुनिश्चित किया जाए। सत्यमेव जयते।
कन्हैया ने कहा कि, पहली बार चार्जशीट दाखिल की गई थी जब मैं चुनाव लड़ने वाला था और अब बिहार में फिर से चुनाव होने वाले हैं। बिहार में एनडीए सरकार है, राज्य सरकार ने एनआरसी-एनपीआर के खिलाफ विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया है। यह स्पष्ट है कि यह मामला राजनीतिक लाभ के लिए बनाया गया और विलंबित हुआ। मैं एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल चाहता हूं ताकि पूरे देश को पता चले कि कैसे सेडिशन जैसे कानून का दुरुपयोग हो रहा है।
बता दें कि, इस मामले की फाइल काफी वक्त से दिल्ली सरकार के पास लटकी थी। दिल्ली सरकार ने देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कन्हैया के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी दे दी है। फरवरी 2016 में दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कथित रूप से देश विरोधी नारे लगाने का मामला सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में जनवरी 2019 में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में पिछले साल जनवरी से फाइल लटकी थी। बीजेपी ने इसे चुनाव में मुद्दा भी बनाया था।












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