'कंगना रनौत से पद्मश्री वापस लो...', शिवसेना नेता नीलम गोरे बोलीं- देशद्रोह लगाकर अभिनेत्री की हो गिरफ्तारी
'कंगना रनौत से पद्मश्री वापस लो...', शिवसेना नेता नीलम गोरे बोलीं- देशद्रोह लगाकर अभिनेत्री की हो गिरफ्तारी
नई दिल्ली, 12 नवंबर: बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने हाल ही में बयान देते हुए कहा है कि 1947 में भारत को जो आजादी मिली है, वो भीख में मिली हुई आजादी है, आजादी हमें 2014 के बाद मिली है। कंगना रनौत के इस बयान पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। कांग्रेस, शिवसेवा, आम आदमी पार्टी समेत विपक्ष के कई नेताओं ने कंगना रनौत से हाल ही में दिए गए पद्मश्री सम्मान को वापस लिए जाने की मांग की है। विपक्षी पार्टी के राजनेताओं ने सरकार से कंगना रनौत को दिए गए पद्मश्री को वापस लेने की मांग की। कंगना रनौत ने यह भी दावा किया कि भारत को 2014 के बाद ही आजादी मिली, जब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार सत्ता में आई।

'कंगना का बयान गांधी, नेहरू सेनानियों का अपमान है...'
कंगना रनौत के खिलाफ आरोप का नेतृत्व करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने टिप्पणी को "चौंकाने वाला और अपमानजनक" करार दिया और राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से रनौत को दिए गए पद्म पुरस्कार को वापस लेने का आग्रह किया।
आनंद शर्मा ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, "कंगना रनौत का बयान महात्मा गांधी, नेहरू और सरदार पटेल के नेतृत्व वाले साहसी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करता है, लेकिन सरदार भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और कई अन्य जैसे क्रांतिकारियों के बलिदान को भी कम करता है।"
आनंद शर्मा ने कहा, "इस तरह के पुरस्कार देने से पहले मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाना चाहिए ताकि ऐसे व्यक्ति देश और उसके नायकों का अपमान न करें।"
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कंगना के बयान को बताया- 'बेहूदा'
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने उनकी टिप्पणी को 'बेहूदा' बताया है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा कि सभी समाचार चैनलों को अब से कंगना रनौत का बहिष्कार करना चाहिए। जीतन राम मांझी की पार्टी बिहार में एनडीए के साथ गठबंधन में है।
जीतन राम मांझी ने राष्ट्रपति को टैग करते हुए कहा, "कंगना रनौत को दिया गया पद्मश्री तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। वरना दुनिया यह सोचेगी कि गांधी, नेहरू, पटेल, भगत सिंह, कलाम, मुखर्जी, सावरकर ने आजादी पाने के लिए भीख मांगी थी।"

'कंगना रनौत पर लगना चाहिए देशद्रोह का आरोप...'
शिवसेना की महिला नेता नीलम गोरे ने कहा कि कंगना रनौत पर भारत की आजादी को 'भिक्षा' बताने के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए। नीलम गोरहे ने कहा, "उन पर उनकी टिप्पणियों के लिए देशद्रोह का आरोप लगाया जाना चाहिए। उनका पद्म पुरस्कार भी रद्द किया जाना चाहिए।"
महाराष्ट्र सरकार में शिवसेना की सहयोगी राकांपा ने भी कंगना रनौत की टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की और उनकी गिरफ्तारी की मांग होनी चाहिए। महाराष्ट्र मंत्री और राकांपा नेता नवाब मलिक ने कहा, "उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया है। केंद्र को कंगना रनौत से पद्म श्री वापस लेना चाहिए और उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए। ऐसा लगता है कि कंगना रनौत ने ऐसा बयान देने से पहले मलाना क्रीम (एक विशेष किस्म की हैश जो विशेष रूप से हिमाचल में उगती है) की भारी खुराक ली।''












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