Justice Surya Kant: देश के 53वें चीफ जस्टिस बने जस्टिस सूर्यकांत शर्मा, कैसा रहा हिसार से SC तक का सफर?
Justice Surya Kant: सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत ने राष्ट्रपति भवन में भारत के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें शपथ दिलाई। उन्होंने न्यायमूर्ति भूषण गवई का स्थान लिया है, जो कि रविवार शाम सेवानिवृत्त हुए थे। न्यायमूर्ति सूर्यकांत का कार्यकाल लगभग 15 महीने का होगा और वह 9 फरवरी, 2027 को 65 वर्ष की उम्र में अपना पद छोड़ेंगे।
अपने सुप्रीम कोर्ट कार्यकाल के दौरान, न्यायमूर्ति सूर्यकांत कई महत्वपूर्ण संवैधानिक निर्णयों से जुड़े रहे हैं। इनमें अनुच्छेद 370 को निरस्त करना, बिहार की मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण और पेगासस मामला भी शामिल है। उन्हें 30 अक्टूबर को CJI-नामित किया गया था।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत का जन्म 10 फरवरी, 1962 को हरियाणा के हिसार जिले के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। पापा उनके किसान थे, उन्होंने एक छोटे शहर के वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया और देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचे।
एक नजर Justice Surya Kant के अब तक के सफर पर...
- साल 1981 में हिसार के गवर्नमेंट पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातक।
- साल 1984 में रोहतक के महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय से लॉ की पढ़ाई की।
- साल 1984 में हिसार के जिला कोर्ट से वकालत की शुरुआत।
- साल 1985 में वो पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की।
- जुलाई 2000 में उन्हें एडवोकेट जनरल बनाए गए.
- जनवरी 2004 में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के जज बने।
- साल 2018 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने।
- 2019 को सुप्रीम कोर्ट के जज बने।
Justice Surya Kant की खास भूमिकाएं
- नेशनल लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी (NALSA): वे NALSA के एक्स-ऑफिशियो पैट्रन-इन-चीफ हैं।
- इससे पहले वे लगातार दो टर्म (2007-2011) तक इसकी गवर्निंग बॉडी के मेंबर रहे।
- इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट: वे इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट की अलग-अलग कमेटियों के मेंबर हैं।












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