रिमोट कंट्रोल की तरह काम करते थे जस्टिस दीपक मिश्रा- जस्टिस कुरियन
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दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त जज जस्टिस कुरियन जोसेफ ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा के बारे में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे और अन्य तीन जजों को ऐसा महसूस हुआ कि जस्टिस दीपक मिश्रा को बाहर से कोई और प्रभावित कर रहा था और वह राजनीति से प्रभावित होकर केस का आवंटन करते थे। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए साक्षात्कार में जस्टिस कुरियन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की कार्यप्रणाली में बाहरी प्रभाव के कई उदाहरण सामने आए थे जिसमे यह साफ नजर आता था कि कोई बाहर से मुख्य न्यायाधीश के फैसलों को नियंत्रित कर रहा है। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
विकल्प नहीं बचा तो की प्रेस कॉन्फ्रेंस
जस्टिस कुरियन ने बताया कि यह वजह थी कि हम लोगों ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात की थी। हमने उन्हे पत्र लिखा और मिलकर कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के गौरव को बरकरार रखें। लेकिन जब हमारे सारे प्रयास विफल हो गए तो हमने मीडिया के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का फैसला लिया। गौर करने वाली बात है कि जस्टिस कुरियन, जस्सिट जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई और जस्सिटस मदन बी लोकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सीजेआई पर कई आरोप लगाए थे।

बाहरी प्रभाव साफ दिखता था
सीजेआई पर बाहरी प्रभाव के बारे में जस्टिस कुरियन ने कहा कि केसो के आवंटन में सीजेआई पर प्रभाव दिखता था, वह चुनिंदा बेंच को ही कुछ केस आवंटित करते थे। यह मामले उन जजों को दिए जाते थे, जोकि राजनीतिक रूप से प्रभावित थे और भेदभाव करते थे। वहीं जब जस्टिस कुरियन से पूछा गया कि क्या साझा प्रेस कॉफ्रेंस आपसी सहमति से की गई थी, तो उन्होंने बताया कि जस्टिस चेलमेश्वर ने इसकी पहल की थी, लेकिन हम तीनों भी इसपर सहमत थे।

चुप्पी गलत
गौरतलब है कि इससे पहले जस्टिस कुरियन ने कहा था कि एक कानून का जानकार जब चुप्पी साध लेता है तो वह एक अपराधी से भी ज्यादा समाज को नुकसान पहुंचाता है। जस्टिस ने कहा कि कोर्ट के भीतर सही रवैये के साथ अपने काम को जुनून के साथ करना जबरदस्त अनुभव है, मैं गर्व के साथ सिर उठाकर कह सकता हूं कि मैंने अपना काम सबसे अच्छा किया है।
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