'भारत की आधी आबादी शारीरिक रूप से अस्वस्थ है', WHO की रिपोर्ट पर क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत की आधी आबादी शारीरिक रूप से अस्वस्थ है। अब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने लोकसभा इस रिपोर्ट पर अपनी बात रखी है। पी नड्डा ने लोकसभा को बताया कि WHO का डेटा केवल तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश (UT) से लिया गया है और परिणामों को मॉडलिंग तकनीक का उपयोग करके निकाला गया था।
जेपी नड्डा ने बताया कि WHO 'पर्याप्त शारीरिक गतिविधि' को प्रति सप्ताह 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली गतिविधियों जैसे तेज चलना या हल्का भार उठाना या प्रति सप्ताह 75 मिनट की तीव्र-तीव्रता वाली गतिविधियों जैसे दौड़ना या निर्माण कार्य के रूप में परिभाषित करता है। यह गतिविधि स्तर कम से कम 10 मिनट तक चलने वाली शारीरिक गतिविधियों के बारे रिपोर्ट पर आधारित है।

जेपी नड्डा ने कहा, "डब्ल्यूएचओ ने केवल तीन राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश से एकत्र किए गए आंकड़ों पर भरोसा किया और एक मॉडलिंग तकनीक के माध्यम से परिणामों का अनुमान लगाया, जो सटीक नहीं है।" उन्होंने कहा कि 2030 के अनुमान भी इसी तरह के अनुमान और मॉडलिंग पर आधारित हैं।
शारीरिक गतिविधि पर क्या कहता है ICMR का रिपोर्ट?
- भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा 2020 में किए गए राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (NCD) निगरानी सर्वेक्षण में पाया गया कि 58.7% भारतीय वयस्क WHO की शारीरिक गतिविधि संबंधी सिफारिशों को पूरा करते हैं।
- 2014 में ICMR के एक अन्य अध्ययन, जिसका शीर्षक था 'भारत में शारीरिक गतिविधि और निष्क्रियता पैटर्न', ने खुलासा किया कि 54.4% वयस्क अपर्याप्त रूप से सक्रिय थे। इस अध्ययन में तमिलनाडु, महाराष्ट्र, झारखंड और चंडीगढ़ से डेटा एकत्र किया गया।
- डब्ल्यूएचओ की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन फिजिकल एक्टिविटी 2022 ने वैश्विक स्तर पर 18 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों में निष्क्रियता का भी अध्ययन किया। इसमें अमेरिका (33.7%), कनाडा (37.2%) और जापान (44.7%) सहित कई उच्च आय वाले देशों में उच्च निष्क्रियता दर पाई गई।
- भारत सरकार 'फिट इंडिया मूवमेंट' जैसी पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देती है, जिससे लोगों को स्वस्थ और फिट रहने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके अतिरिक्त, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम (एनपी-एनसीडी) के माध्यम से स्वस्थ जीवन के लिए विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है।
- वयस्कों में निष्क्रियता के स्तर को कम करने के उद्देश्य से सरकारी कार्यक्रमों के माध्यम से पूरे भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और शारीरिक गतिविधि को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं।












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