घाटी में बातचीत की राह में फिर से रोड़ा बने आतंकी, नहीं चाहते हैं शांति

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में तमाम पक्षों से बातचीत के लिए केंद्र सरकार ने दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया है और वह घाटी में लोगों से बात करने के लिए पहुंचे हैं। लेकिन जिस तरह से सोमवार को पुलवामा में हमला किया गया है वह जानबूझकर इस वार्ता को रोकने के लिए किया गया। आईबी का कहना है कि एक ही समय में इस हमले के पीछे की मंशा साफ है, इसे वार्ता को रोकने के लिए किया गया है। सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही ने कहा कि हमारे पास इस बात के इनपुट हैं कि लोग ग्रेनेड फेंक सकते हैं, हमला करके भाग सकते हैं, या फिर हिंसा को बढ़ा सकते हैं।

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स्थिति काबू में है

साही ने कहा कि जब कभी घाटी में बातचीत की शुरुआत होती है जो शांति को स्थापित करने में मदद कर सकती है तो दुश्मन इसके खिलाफ हो जाते हैं और इसे बाधित करने की कोशिश करने लगते हैं, ऐसे में ये लोग एक बार फिर से हमले की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि घाटी में स्थिति काबू में है लेकिन तमाम सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमे लगातार अलर्ट मिलते रहते हैं कि आतंकी किसी घटना को अंजाम दे ससकते हैं, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति काबू में है।

आतंकियों के पास ठिकाना नहीं

सीआरपीएफ के आईजी ने कहा कि घाटी में आतंकियों के पास गर्मियों के मौसम में स्थाई ठिकाना नहीं है ,लेकिन बावजूद इसके वह अपनी उपस्थिति को बनाए रखते हैं। हमारे पास जो जानकारी है उसके अनुसार आतंकी घाटी में कभी-कभी आते हैं, इनके पास स्थाई ठिकाना नहीं है, लेकिन ये शह के बाहरी इलाकों में यहां होने वाली घटनाओं की जानकारी रखते हैं। इन आतंकियों के बारे में मिले इनपुट के आधार पर ही हमने कई ऑपरेशन को अंजाम दिए और कई आतंकी कमांडर को ढेर किया है। पिछले एक साल में घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन अभी भी यह उन जगहों पर होती है जहां एनकाउंटर होता है, जोकि एक गंभीर मुद्दा है।

आखिर क्यों कम हुई पत्थरबाजी

साही ने कहा कि अधिकतर पत्थरबाजी की घटनाएं अपने आप शुरू होती हैं, जिसे शहर में कानून व्यवस्था के दम पर काफी कम कर दिया गया है। वहीं पत्थरबाजी की घटनाओं के कम होने की वजह के बारे में बताते हुए साही ने कहा कि अधिकतर लोग यह समझ चुके हैं कि इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा। इससे कश्मीर के लोगों की छवि भी खराब होती है और यहां की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। वहीं एनआईए के द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन भी इसकी एक वजह है। आपको बता दें कि दिनेश्वर शर्मा घाटी में सोमवार को पांच दिन के दौरे पर पहुंचे हैं।

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