भारत का अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक पोल. क्या आपने भाग लिया?
  • search

घाटी में बातचीत की राह में फिर से रोड़ा बने आतंकी, नहीं चाहते हैं शांति

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में तमाम पक्षों से बातचीत के लिए केंद्र सरकार ने दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया है और वह घाटी में लोगों से बात करने के लिए पहुंचे हैं। लेकिन जिस तरह से सोमवार को पुलवामा में हमला किया गया है वह जानबूझकर इस वार्ता को रोकने के लिए किया गया। आईबी का कहना है कि एक ही समय में इस हमले के पीछे की मंशा साफ है, इसे वार्ता को रोकने के लिए किया गया है। सीआरपीएफ के आईजी रविदीप सिंह साही ने कहा कि हमारे पास इस बात के इनपुट हैं कि लोग ग्रेनेड फेंक सकते हैं, हमला करके भाग सकते हैं, या फिर हिंसा को बढ़ा सकते हैं।

    army

    स्थिति काबू में है

    साही ने कहा कि जब कभी घाटी में बातचीत की शुरुआत होती है जो शांति को स्थापित करने में मदद कर सकती है तो दुश्मन इसके खिलाफ हो जाते हैं और इसे बाधित करने की कोशिश करने लगते हैं, ऐसे में ये लोग एक बार फिर से हमले की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि घाटी में स्थिति काबू में है लेकिन तमाम सुरक्षाकर्मियों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमे लगातार अलर्ट मिलते रहते हैं कि आतंकी किसी घटना को अंजाम दे ससकते हैं, हम पूरी तरह से सतर्क हैं और स्थिति काबू में है।

    आतंकियों के पास ठिकाना नहीं

    सीआरपीएफ के आईजी ने कहा कि घाटी में आतंकियों के पास गर्मियों के मौसम में स्थाई ठिकाना नहीं है ,लेकिन बावजूद इसके वह अपनी उपस्थिति को बनाए रखते हैं। हमारे पास जो जानकारी है उसके अनुसार आतंकी घाटी में कभी-कभी आते हैं, इनके पास स्थाई ठिकाना नहीं है, लेकिन ये शह के बाहरी इलाकों में यहां होने वाली घटनाओं की जानकारी रखते हैं। इन आतंकियों के बारे में मिले इनपुट के आधार पर ही हमने कई ऑपरेशन को अंजाम दिए और कई आतंकी कमांडर को ढेर किया है। पिछले एक साल में घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी आई है, लेकिन अभी भी यह उन जगहों पर होती है जहां एनकाउंटर होता है, जोकि एक गंभीर मुद्दा है।

    आखिर क्यों कम हुई पत्थरबाजी

    साही ने कहा कि अधिकतर पत्थरबाजी की घटनाएं अपने आप शुरू होती हैं, जिसे शहर में कानून व्यवस्था के दम पर काफी कम कर दिया गया है। वहीं पत्थरबाजी की घटनाओं के कम होने की वजह के बारे में बताते हुए साही ने कहा कि अधिकतर लोग यह समझ चुके हैं कि इसका कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलेगा। इससे कश्मीर के लोगों की छवि भी खराब होती है और यहां की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ता है। वहीं एनआईए के द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन भी इसकी एक वजह है। आपको बता दें कि दिनेश्वर शर्मा घाटी में सोमवार को पांच दिन के दौरे पर पहुंचे हैं।

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    JK Pulwama attack staged to coincide with Dineshwar Sharma. Sahi said there has been a reduction in the number of stone-pelting incidents in the Valley this year.

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more