क्या भाजपा लगायेगी मांझी की नैया पार, अमित शाह पर टिकी निगाहें
नई दिल्ली। बिहार का सियासी घमासान शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। जदयू की आतंरिक कलह हर रोज बढ़ती जा रही है। वहीं बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम माझी नीतीश कुमार के आगे घुटने टेकने के मूड में नहीं दिख रहे हैं। मांझी ने आज राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के लिए समय मांगा है।

मांझी की राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से आज शाम 7 बजे मुलाकात होगी ऐसे में देखने वाली बात यह है कि मांझी बिहार के सियासी संकट पर क्या कदम उठाते हैं। साथ ही अमित शाह से मांझी की मुलाकात को भी काफी अहम माना जा रहा है। देखने वाली बात यह है कि मांझी की नैया को भाजपा अपना सहारा देती है या नहीं।
भाजपा नहीं खोल रही अपने पत्ते
कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने वन इंडिया को बताया कि वह बिहार के सियासी संकट पर कुछ बोलने की बजाए इंतजार करने की बात कही है। भाजपा नेताओं का कहना है कि बिहार में भाजपा अकेले दम पर चुनाव जीतने में सक्षम है। ऐसे में बिहार में किसी भी तरह का जोखिम लेने के मूड में नहीं है भाजपा जो बिहार में उसके लिए महंगा साबित हो।
हालांकि बिहार में भाजपा समय से पहले चुनाव नहीं कराना चाहेगी। दिल्ली में जिस तरह से भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है उससे भाजपा की अंदरूनी राजनीति में काफी उथल-पुथल मची हुई है। वहीं भाजपा नेताओं का मानना है कि जबतक यह सुनिश्चत ना हो कि मांझी विश्वास मत जीत सकते हैं भाजपा उन्हें अपना समर्थन नहीं देना चाहेगी।
क्या मांझी की नैया पार लगेगी?
भारतीय जनता पार्टी के समर्थन के बिना मांझी के लिए विधानसभा में बहुमत साबित करना नामुमकिन है। ऐसे में मांझी को समर्थन देने से पहले भाजपा इस बात को सुनिश्चित करना चाहेगी कि किसी भी हाल में वह ऐसे नेता को अपना समर्थन ना दे जो अपना बहुमत साबित ना कर सके।












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