जेडीएस विधायक ने यादगीर में बच्चों की मौत और कर्नाटक के स्वास्थ्य ढांचे पर उठाए सवाल, सालभर में हुई 127 मौतें
Karnataka News: कर्नाटक विधानसभा की हालिया चर्चा में जेडीएस विधायक शरणगौड़ा कंदकुर ने यादगीर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को उजागर किया। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में 127 गरीब बच्चों की मौत सरकारी अस्पतालों में इलाज के दौरान हुई है। ये सभी बच्चे गरीब परिवारों से थे। जो निजी अस्पताल का खर्च नहीं उठा सकते थे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल
विधायक कंदकुर ने कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में बिगड़ते स्वास्थ्य ढांचे पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने बल्लारी जिले में पांच मातृ मृत्यु का उदाहरण देते हुए बताया कि बीते तीन वर्षों में कर्नाटक में 2,079 मातृ मृत्यु दर्ज की गई हैं। इन आंकड़ों ने राज्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित किया।

भीमा नदी में प्रदूषण का मुद्दा
कांग्रेस विधायक अल्लामप्रभु पाटिल ने भीमा नदी में बढ़ते प्रदूषण को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में सिना नदी के पानी को मोड़ने के कारण केवल अपशिष्ट जल ही भीमा नदी में पहुंच रहा है। इस स्थिति से कलबुर्गी और आसपास के क्षेत्रों की जल आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पाटिल ने राज्य सरकार से केंद्रीय जल आयोग के साथ इस मुद्दे को सुलझाने की मांग की और कलबुर्गी में चार बड़े जलाशय बनाने का सुझाव दिया।
पारंपरिक बुनकरों के लिए समर्थन की मांग
पाटिल ने स्थानीय पारंपरिक बुनकरों को राहत देने के लिए स्कूल वर्दी के ठेके उन्हें देने की वकालत की। उनका कहना था कि इस पहल से बुनकरों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और स्थानीय शिल्पकला को भी संरक्षण मिलेगा।
लड़कियों की शिक्षा में बाधा बन रही परिवहन व्यवस्था
कांग्रेस विधायक श्रीनिवास माने ने हनगल निर्वाचन क्षेत्र में लड़कियों की शिक्षा के लिए पर्याप्त बस सेवाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि परिवहन की अनुपलब्धता के कारण छात्राएं समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाती। जिससे उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
औद्योगिक विकास की मांग
विधायकों ने सामूहिक रूप से उत्तर कर्नाटक में औद्योगिक विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इस क्षेत्र में अधिक उद्योग स्थापित करने से बेरोजगारी के संकट को दूर किया जा सकता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
असेंबली की यह चर्चा कर्नाटक के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उजागर करती है। बच्चों की मौत और मातृ मृत्यु दर जैसे गंभीर मुद्दों ने सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं नदी प्रदूषण, बुनकरों की दुर्दशा और परिवहन की समस्याओं ने राज्य के विकास की धीमी गति को रेखांकित किया। इन समस्याओं का समाधान करना राज्य सरकार के लिए प्राथमिकता बनना चाहिए।
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