जम्मू-कश्मीर: प्रीपेड मोबाइल पर SMS-कॉल शुरू, 10 जिलों में 2जी सर्विस भी बहाल
जम्मू। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद से वहां लागू किए गए प्रतिबंध एक-एक करके हटाए जा रहे हैं। जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने गुरुवार को पांच नेताओं को रिहा किया था। ये नेता आर्टिकल 370 खत्म करने के केंद्र के फैसले के बाद 4 अगस्त को हिरासत में लिए गए थे। वहीं, प्रशासन ने अब प्रीपेड सिम कार्ड्स पर वॉइस और एसएमएस सेवा बहाल कर दी है।
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जम्मू-कश्मीर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रोहित कंसल ने शनिवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि हालात का जायजा लेने के बाद प्रशासन की तरफ से आदेश दिया गया है कि जम्मू-कश्मीर में सभी लोकल प्रीपेड सिम कार्ड्स पर वॉइस और एसएमएस सेवा दोबारा शुरू कर दी जाएंगी। साथ ही उन्होंने बताया कि जम्मू, बारामुला, कश्मीर के बांदीपोरा डिविजन के सहित 10 जिलों में पोस्टपेड पर 2जी इंटरनेट सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। हालांकि, बारामुला, श्रीनगर, कुलगाम, अनंतनाग, शोपियां, पुलवामा, गंदरबल और बडगाम में इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी।
Jammu & Kashmir Principal Secretary, Rohit Kansal: After a careful review, the competent authority has ordered today that voice & SMS facilities shall be restored on all local prepaid sim cards across J&K. pic.twitter.com/hJ7CaRtg3f
— ANI (@ANI) January 18, 2020
बता दें कि केंद्र सरकार के 36 मंत्री आज जम्मू कश्मीर के दौरे पर जाएंगे। ये केंद्रीय मंत्री 25 जनवरी तक कश्मीर रहेंगे और वहां गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दौरे को लेकर कश्मीर जा रहे केंद्रीय मंत्रियों से अपील की है कि वे सिर्फ शहरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी विकास का संदेश फैलाने की कोशिश करें। जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम के मुताबिक, ये मंत्री पूरे कश्मीर में 60 स्थानों का दौरा करेंगे।
पीएम मोदी ने इन केंद्रीय मंत्रियों से अपील की है कि वो स्थानीय लोगों से संवाद के दौरान विकास का संदेश फैलाएं। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को जम्मू कश्मीर का विशेष राज्य का दर्जा खत्म करने का ऐलान किया था। सरकार ने राज्य से आर्टिकल 370 खत्म कर इसे दो केंद्र शासित राज्यों में बांटने का फैसला किया था। फैसले के ऐलान से पहले ही राज्य के स्थानीय नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था, जिसका विपक्षी दलों ने विरोध किया था।












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