जम्मू कश्मीर: आतंकी बेटे के नाम पिता का खत, अपनी मां के लिए लौट आओ

कुछ दिन पहले पहले फुटबॉलर से आतंकी बन लश्करे तैयबा का हाथ थामने वाले बेटे ने अपनी मां की पुकार पर सरेंडर कर दिया था।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में स्थानीय युवाओं के आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का सिलसिला जारी है। एक 16 साल का युवा आतंकियों के बहकावे में आकर आतंकी संगठन में शामिल हो गया है। उसके पिता ने फेसबुक पर मार्मिक पोस्ट लिखकर बेटे से घर वापस लौटने की अपील की है और अपने बेटे से मां के लिए लौट आने को कहा है। फेसबुक पर पिता ने लिखा, 'अपनी मां के लिए वापस आ जाओ। उससे ज्यादा तुम्हें कोई और प्यार नहीं कर सकता। उसने तुम्हें जन्म देते उसने बहुत दर्द सहा लेकिन उसने दर्द पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि किसी ने उससे कहा था कि तुम उसके जनाजे को उठाने के लिए वहां मौजूद रहोगे। प्यारे बेटे हम गुजारिश करते हैं कि तुम वापस अपने घर लौट आओ, हम हर तरह से तुम्हारी मदद करने को तैयार हैं। तुमने जो रास्ता चुना है वहां दर्द, धोखा, तनाव के अलावा कुछ नहीं है। वापस आकर फिर से नया जीवन शुरू करते हैं।

मां की पुकार पर लौटा था आतंकी बना माजिद

मां की पुकार पर लौटा था आतंकी बना माजिद

कुछ दिन पहले पहले फुटबॉलर से आतंकी बन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ थामने वाले बेटे ने अपनी मां की पुकार पर सरेंडर कर दिया था। फुटबॉल के मैदान पर अपने जौहर दिखाते-दिखाते आतंकवाद की राह पकड़ने वाले माजिद इरशाद खान ने सेना के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद इरशाद ने श्रीनगर में सुरक्षाबलों के सामने सरेंडर कर दिया। फुटबॉलर के तौर पर पहचान बना चुका माजिद अपने दोस्त की मौत के कारण लश्कर ज्वाइन कर लिया था। माजिद की मां रो रो कर उसके वापस आने की दुआ कर रही थी। माजिद की मां उसके आतंकी बनने से बेहद दुखी थी और उसके जल्द से जल्द वापस लौटने के लिए रो रो कर प्रार्थना कर रही थी।

सीआरपीएफ ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

सीआरपीएफ ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां खुले तौर पर आतंक का रास्ता छोड़ने वाले लोगों की मदद कर रही हैं। सीआरपीएफ ने एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया है जिसके जरिए घाटी में आतंक का रास्ता चुन चुके युवा मेनस्ट्रीम में वापस लौट सकते हैं। सीआरपीएफ ने इसके लिए 14411 नंबर से एक टोल फ्री हेल्पलाइन जारी की है। आतंकी की राह से लौटने में मदद करने वाली इस हेल्पलाइन को 'मददगार' का नाम दिया गया है। यह उन भटके हुए युवाओं की मदद करेगी जो घाटी में आतंक की राह पर चल पड़े हैं और अब वापस मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं। यह कदम फुटबॉलर से आतंकी बने माजिद के सरेंडर के बाद उठाया गया है जो दो दिन पहले ही आतंकियों का साथ छोड़ वापस अपने घर लौटा है।

आतंकी की राह से वापस लौटे युवा

आतंकी की राह से वापस लौटे युवा

जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जनरल जुल्फिकार हसन ने जानकारी देते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि काफी युवा वापस आना चाहते हैं, मैं उन सभी भरोसा दिलाना चाहता हूं कि वह खुले तौर पर आतंक की राह से वापस आ सकते हैं।' सीआरपीएफ ने इसी साल जून में कश्मीरी नागरिकों की मदद के लिए यह हेल्प लाइन जारी की थी, अब इस दिशा में भी इसका विस्तार किया जा रहा है। आईडी हसन ने बताया कि यह हेल्प लाइन पुलिस और सेना दोनों की है। साथ ही आतंकियों समेत उनके परिजन, दोस्त भी वापसी के लिए इसकी मदद ले सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि एजेंसी किसी भी तरह से उन्हें प्रताड़ित नहीं करेगी।सरकार और सुरक्षाबलों की कोशिशों के बीच घाटी के युवा माजिद के बाद आतंक का रास्ता चुनने वाले एक और युवक ने घर वापसी की है। साउथ कश्मीर के रहने वाले एक युवक ने परिजनों की अपील पर वापस घर लौटने का फैसला किया है।

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