आतंकी हमलों के बीच सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा- रोकना है खून खराबा तो पाकिस्तान से करनी होगी बात
आतंकी हमलों के बीच सीएम महबूबा मुफ्ती ने कहा-
श्रीनगर। जम्मू और कश्मीर स्थित सुंजवान में भारतीय सेना के कैंप पर आतंकी हमले के बाद आज राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सदन में बयान दिया। बता दें कि सुंजवान के हमले के बाद श्रीनगर के करण नगर में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) के हेडक्वार्टर के पास एनकाउंटर जारी है। इन हमलों में सेना के जवान शहीद हुए हैं और स्थानीय नागरिक मारे घए हैं। इन सबके बीच मुफ्ती ने कहा है कि पाकिस्तान से बातचीत होनी चाहिए। महबूबा ने सदन में तो बयान दिया ही इसके साथ ही ट्वीट भी किया। अपने ट्वीट में मुफ्ती ने कहा है कि 'अगर हम खून खराबे को समाप्त करना चाहते हैं तो पाकिस्तान के साथ बातचीत करना जरूरी है। मुझे पता है कि आज रात एंकरों द्वारा मुझे राष्ट्र विरोधी का नाम दिया जाएगा लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जम्मू-कश्मीर के लोग पीड़ित हैं हमें बात करना है क्योंकि युद्ध एक विकल्प नहीं है।'

अगर आज अटल जी बात करते तो मीडिया उन्हें क्या कहता ?
मुफ्ती ने सदन में कहा कि हमने पाकिस्तान के खिलाफ सभी युद्ध लड़े और जीते, लेकिन अब भी आज बातचीत के अलावा कोई हल नहीं है, हमारे जवान और नागरिक मारे रहेंगे। पता नहीं है कि कुछ मीडिया घरानों ने अटलजी को बुलाते अगर वो आज समय में लाहौर गए और बातचीत की होती। मुफ्ती ने कहा कि दुर्भाग्य से, कुछ मीडिया हाउसों ने एक वातावरण बनाया है कि यदि हम वार्ता के बारे में बात करते हैं (पाकिस्तान के साथ) तो हमें विरोधी राष्ट्रवाद का लेबल दिया जाता है।

फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि
वहीं जम्मू और कश्मीर में विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के राष्ट्रीय अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला ने कहा कि जितना आतंकवाद बढ़ेगी, उतनी मुसीबत आएगी और उनके मुल्क में ज्यादा मुसीबत आएगी। वहां कुछ भी नहीं रहेगा। अगर यही सूरत रही तो हिन्दुस्तान की हुकूमत को भी सोचना पड़ेगा कि अगला कदम क्या होगा।

नीतियों में कुछ गलती
कांग्रेस नेता और राज्य सभा में नेता विपक्ष गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि जम्मू में अब जहां हमले हो रहे हैं जो हमेशा सुरक्षित रहे हैं। कश्मीर असुरक्षित था और अब इस सरकार ने जम्मू को भी असुरक्षित बना दिया है। अगर केंद्र उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं कर रहा है तो इसका मतलब है कि उनकी नीतियों में कुछ गलती है।












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