'नहीं चाहता कि बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार मिले', सर्वदलीय बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला का बयान
श्रीनगर, 10 सितंबर: चुनाव से पहले जम्मू-कश्मीर में सियारी गर्माहट तेज होना शुरू हो गई है। केंद्र शासित प्रदेश में होने वाले चुनाव को लेकर अलग ही राजनीतिक तस्वीर सामने आ रही है। इसी कड़ी में शनिवार को जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला के घर पर सर्वदलीय बैठक हुई। बैठक के बाद फारूक अब्दुल्ला ने साफ कहा कि वे नहीं चाहते कि केंद्र शासित प्रदेश में बाहरी लोगों को मतदान का अधिकार मिले।

जम्मू कश्मीर में बाहरी लोगों को वोटर्स बनाए जाने का विरोध बढ़ता जा रहा है। जिसको लेकर राजनीतिक दलों ने एक बार आकर रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। शनिवार को फारूक अब्दुल्ला के आवास पर आयोजित बैठक में महबूबा मुफ्ती,यूसुफ तारिगामी, उमर अब्दुल्ला समेत कांग्रेस नेता शामिल हुए। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, "आज सभी राजनीतिक दलों के नेता मौजूद हैं। हम नहीं चाहते कि बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर में वोटिंग का अधिकार मिले।"
अपने बयान में उन्होंने कहा कि हम जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) द्वारा दिए गए आश्वासनों को नहीं इकबाल नहीं कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि वह 'दिल्ली की दूरी' और 'दिल की दूरी' को कम कर देंगे, लेकिन अब तक कुछ भी नहीं किया गया है।"
बता दें कि संशोधित मतदाता सूची में मतदाताओं को जोड़ने पर केंद्र शासित प्रदेश के सीईओ हिरदेश कुमार की टिप्पणी के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई गई थी। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती, पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकर डिक्लेरेशन के प्रवक्ता यूसुफ तारिगामी, जेकेएनसी के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और अन्य नेताओं ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में कांग्रेस ने भी शामिल हुई थी।












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