Jammu & Kashmir DDC Elections: सातवें चरण में 57.22 फीसदी हुए वोटिंग
Jammu &Kashmir DDC Elections: कड़ी सुरक्षा के बीच आज जिला विकास परिषद चुनाव के 7वें चरण के लिए मतदान हुआ। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दोपहर एक बजे तक 47.43 प्रतिशत लोगों ने अपने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कड़कड़ाती ठंड के बीच में भी लोगों में अपने वोट को लेकर गजब का उत्साह देखा गया। मतदान सुबह सात बजे से दो बजे तक हुआ। राज्य में सबसे ज्यादा मतदान सांबा में हुआ जहां 64.90 प्रतिशत वोटिंग की खबर है। चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक सातवें चरण में आज 57.22 फीसदी वोटिंग हुई है।
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आज करीब 6 लाख से अधिक मतदाताओ ने कुल 298 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला किया। राज्य चुनाव आयुक्त के. के. शर्मा ने कहा कि मतदान के मद्दे नजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जम्मू में 18 और कश्मीर घाटी में 13 निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह 7 बजे वोटिंग हुई। चुनाव के लिये कुल 1852 मतदान केंद्र बनाए गए थे जिनमें से 1068 कश्मीर मंडल में और 784 जम्मू मंडल में थे, सभी मतदान केंद्रों पर कोरोना वायरस से बचने के लिए जारी गाइडलाइंस का पालन किया गया। बता दें कि डीडीसी चुनावों के अलावा आज सरंपच की 69 खाली सीटों और पंच की 438 खाली सीटों पर भी चुनाव हुए हैं।
मतगणना 22 दिसंबर को होगी
आपको बता दें कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद यहां पहली बार डीडीसी के चुनाव हो रहे हैं। डीडीसी चुनाव के पहला चरण का मतदान 28 नवंबर को हुआ था और अब तक 190 क्षेत्रों में मतदान संपन्न हो चुका है। डीडीसी चुनाव के लिए मतगणना 22 दिसंबर को होगी। छठे चरण में 51.51 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, जिसमें जम्मू में 68.5% और कश्मीर में 31.55% मतदान हुआ था। सबसे ज्यादा मतदान पुंछ में हुआ था, जहां 76.78 प्रतिशत वोटिंग हुई थी।
कई दिग्गज नेता चुनाव मैदान में हैं
केंद्र सरकार का कहना है कि इन चुनावों के जरिए जनता सीधे अपने स्थानीय निकाय के लिए प्रतिनिधि चुनेगी। वोटिंग आठ चरणों में होगी, अभी 1 चरण बाकी है। बता दें कि जम्मू-कश्मीर में हो रहा डीडीसी का चुनाव में कई दिग्गज नेता चुनाव मैदान में हैं। कुछ महीने पहले जब पंचायती राज कानून में संशोधन करके जम्मू कश्मीर में जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनाव का रास्ता साफ हुआ था तो वहां के कई सियासी दल और नेता इसको लेकर जरा भी उत्साहित नहीं थे। लेकिन, चुनाव की घोषणा होते ही स्थिति एकदम से बदल गई। आज यहां की सभी बड़ी राजनीतिक पार्टियां ना सिर्फ चुनाव लड़ रही हैं बल्कि, एक आंकड़े के मुताबिक लगभग दो दर्जन पूर्व मंत्री , विधायक और सांसद भी इस स्थानीय चुनाव में किस्मत इस बार आजमा रहे हैं।












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