जम्मू कश्मीर: 370 ख़त्म किए जाने के बाद से घाटी में निशाने पर बीजेपी नेता, अब तक 23 की हत्या
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में संदिग्ध चरमपंथियों ने बीते मंगलवार बीजेपी नेता जावीद अहमद डार की गोली मार कर हत्या कर दी. डार पर चरमपंथियों ने उस समय गोलियां चलाईं जब वह अपने घर के बाहर मौजूद थे.
बीजेपी का कहना है कि बीते दो वर्षों में कश्मीर घाटी में बीजेपी के 23 नेता और कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं.
बीजेपी प्रवक्ता के मुताबिक़, बीते एक वर्ष में सिर्फ़ कुलगाम ज़िले में ही सात बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है.
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बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ़ ठाकुर ने डार की हत्या पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि चरमपंथी मासूम लोगों को निशाना बना रहे हैं. उनका कहना था कि डार कुलगाम ज़िले में एक चुनावी क्षेत्र के इंचार्ज थे.
हाल के दिनों में कश्मीर में बीजेपी नेताओं की हत्याओं को लेकर राजनीतिक दलों ने सख़्त निंदा की है. पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने भी जावीद डार की हत्या की निंदा की. उन्होंने कहा है कि ऐसी हत्याओं के लिए कोई जगह नहीं है.
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अपनी पार्टी नेता की हत्या
इससे पहले बीते गुरुवार 19 अगस्त, 2021 को कुलगाम ज़िले के ब्रजोला इलाक़े में जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के नेता ग़ुलाम हसन लोन की चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी.
नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अगस्त 2019 में कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को ख़त्म कर दिया था और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया था.
उसके बाद से बीजेपी और उसके सहयोगी पार्टी के नेताओं को चरमपंथी ख़ासतौर पर निशाना बना रहे हैं. एक नज़र डालते हैं घाटी में बीजेपी नेताओं पर हुए हमले की घटनाओं पर
13 अगस्त, 2021- राजौरी में बीजेपी नेता के घर पर हमला
कश्मीर के अनंतनाग में बीजेपी नेता और उनकी पत्नी की चरमपंथी हमले में मौत के तीन दिनों बाद जम्मू के राजौरी ज़िले में बीजेपी नेता और ज़िला मंडल अध्यक्ष जसबीर सिंह के घर पर ग्रेनेड से हमला किया गया.
इस हमले में बीजेपी नेता समेत परिवार के छह लोग घायल हो गए.
हमले के समय परिवार वाले घर के आंगन में बैठे थे. हमले में बीजेपी नेता के भाई का दो वर्षीय बेटा वीर सिंह भी घायल हो गया था. घायल बच्चे की बाद में अस्पताल में मौत हो गई थी.
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09 अगस्त 2021- ग़ुलाम रसूल डार और उनकी पत्नी की हत्या
ज़िला अनंतनाग में बीजेपी किसान मोर्चा के ज़िला अध्यक्ष और सरपंच ग़ुलाम रसूल डार और उनकी पत्नी जवाहिर की चरमपंथियों ने दिनदहाड़े उनके घर में घुस कर हत्या कर दी थी.
ग़ुलाम रसूल डार की पत्नी भी बीजेपी से जुड़ी हुईं थीं. पुलिस ने चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैय्यबा को इसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया था.
03 जून, 2021- राकेश पंडिता की हत्या
भारतीय जनता पार्टी के पार्षद राकेश पंडिता की चरमपंथियों ने हत्या कर दी.
कश्मीर पुलिस ने बताया था कि तीन जून को पुलवामा में रात क़रीब 10.15 बजे तीन अज्ञात बंदूक़धारियों ने उन पर गोलियाँ चलाईं थीं. इस हमले में राकेश पंडिता बुरी तरह घायल हुए थे. बाद में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई थी.
घटना के वक़्त पंडिता सुरक्षा प्रक्रिया का उल्लंघन कर बिना निजी सुरक्षा अधिकारियों के दक्षिण कश्मीर में बसे अपने पुश्तैनी गाँव गए थे.
29 मार्च, 2021- बीजेपी के दो कार्यकर्ताओं की हत्या
उत्तरी कश्मीर के सोपोर क़स्बे में 30 मार्च को चरमपंथियों ने नगरपालिका के दफ़्तर पर हमला किया. हमले में दो पार्षद और एक पुलिस कर्मी की मौत हो गई थी. मारे गए दोनों पार्षद शम्सुद्दीन और रियाज़ अहमद बीजेपी के साथ जुड़े थे.
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01 अप्रैल 2021- अनवर ख़ान के घर पर हमला
बीजेपी कार्यकारिणी के सदस्य और लेह और कुपवाड़ा में पार्टी के इंचार्ज अनवर ख़ान के श्रीनगर स्थित घर पर एक अप्रैल, 2021 को हमला हुआ था. उस हमले में ख़ान तो बच गए थे लेकिन उनके एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई थी.
पुलिस ने इस हमले के लिए चरमपंथी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को ज़िम्मेदार ठहराया था.
अक्तूबर, 2020- तीन बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या
पिछले साल अक्तूबर महीने में बीजेपी के तीन कार्यकर्ता फ़िदा हुसैन याटू, उमर सिंह राशिद और उमर रमज़ान हजाम की एक चरमपंथी हमले में मौत हो गई थी.
कुलगाम के वाईके पुरा के इलाक़े में शाम के वक़्त उनकी कार पर हमला किया गया था, जिसमें तीनों लोग मारे गए थे.
06 अगस्त, 2020- बीजेपी सरपंच सज्जाद अहमद खाण्डे की हत्या
छह अगस्त, 2020 को कश्मीर के क़ाज़ीगुंड के वेसु इलाक़े में चरमपंथियों ने सज्जाद अहमद खाण्डे की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
सज्जाद को घायल हालत में अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी.
04 अगस्त 2020- बीजेपी सरपंच पर हमला
पिछले साल चार अगस्त को कुलगाम में बीजेपी सरपंच आरिफ़ अहमद पर चरमपंथियों ने गोलियां चलाईं.
इस हमले में आरिफ़ अहमद बुरी तरह घायल हो गए थे लेकिन उनकी जान बच गई थी.
अगस्त, 2020- बीजेपी नेता की हत्या
अगस्त, 2020 में बड़गाम में बीजेपी कार्यकर्ता अब्दुल हामिद नज़र पर अज्ञात लोगों ने गालियाँ चलाई थीं.
अब्दुल हामिद को घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई.
जुलाई, 2020- वसीम बारी की हत्या
कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले में संदिग्ध चरमपंथियों ने 22 जुलाई 2020 को बीजेपी के पूर्व ज़िला अध्यक्ष शेख़ वसीम बारी, उनके पिता और भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी.
हमला देर शाम उस वक़्त हुआ जब तीनों अपने घर के नज़दीक मौजूद अपनी दुकान में थे.
उनकी मौत के कुछ दिन पहले सज्जाद अहमद खांडे नाम के एक सरपंच और बीजेपी कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी.
बीजेपी नेता हमलों को कैसे देखते हैं?
बीजेपी नेता अनवर ख़ान ने बीबीसी को बताया था कि घाटी में बीजेपी की लोकप्रियता बढ़ रही है और अब कश्मीर में कई पंचायतों में पार्टी के सरपंच हैं. डीडीसी और बीडीसी चुनावों में भी पार्टी के कार्यकर्ता जीते हैं.
वो कहते हैं, "यह भी हो सकता है कि इसके पीछे एक कारण अनुच्छेद 370 को हटाना हो. चरमपंथी भी नहीं चाहते थे कि आर्टिकल 370 हटे. आर्टिकल हटने के बाद हमारे लोगों के लिए ख़तरा और भी बढ़ गया है."
https://www.youtube.com/watch?v=_ijdHYN2JiM
कुछ महीने पहले जम्मू-कश्मीर में पहली बार ज़िला विकास चुनाव (डीडीसी) कराए गए थे और पहली बार कश्मीर घाटी में बीजेपी को तीन सीटों पर जीत हासिल हुई थी.
बीजेपी के प्रवक्ता अल्ताफ़ का मानना है कि इस तरह की हत्याएं बौखलाहट का नतीजा है.
वो कहते हैं, "हमारे नेताओं और कार्यकर्ताओं को आर्टिकल 370 हटाए जाने से पहले भी मारा गया था, लेकिन आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद बीजेपी के लोगों को कश्मीर में चरमपंथियों ने ज़्यादा निशाना बनाना शुरू किया है. ये सब कुछ चरमपंथियों की बौखलाहट है."
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