ग्राहक पटाने के लिए कोडवर्ड, नई या पुरानी गाड़ी कह लड़की होती थी सप्लाई
जयपुर। राजधानी में वेश्यावृत्ति का धंधा पुलिस की नाक के नीचे कोडवर्ड के सहारे फल-फूल रहा था। सेक्स रैकेट चलाने वाले कोडवर्ड के सहारे रैकेट में शामिल किशोरियों को सप्लाई कर रहे हैं। ग्राहक नई गाड़ी व पुरानी गाड़ी जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर युवतियों को बुलाते हैं। पिछले दिनों पकड़े सैक्स रैकेट से यह जानकारी पुलिस को लगी है। जयपुर पुलिस इन कोड वर्ड से शहर में युवतियां सप्लाई करने वाली महिला की तलाश कर रही है। पुरानी लड़कियों को रोज के 3000 रूपए और नई लड़कियों को पांच छह हजार रूपए तक दिए जाते हैं।

जयपुर पुलिस का कहना है कि यह महिला चार साल से पॉश कॉलोनियों में जाल बिछाए है। दो दिन पहले श्याम नगर में हुए वेश्यावृत्ति के पर्दाफाश के बाद हनुमागढ़ की कमला का नाम सामने आया। दबिश के दौरान गुरूवार को महिला का मुख्य आरोपी मानसरोवर निवासी बृजेश पुलिस के हत्थे चढ़ गया। फरार महिला सरगना मुम्बई, दिल्ली और अन्य राज्यों से युवतियों को बृजेश के जरिए शहर के दलालों तक पहुंचाती थी।
अशोक नगर एसीपी ने बताया कि श्याम नगर में पकड़े गए वेश्यावृत्ति मामले की जांच में महिला सरगना के नेटवर्क का खुलासा हुआ है। उसकी तलाश की जा रही है।












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