मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय के भेजे जाने पर शख्स ने क्यों रद्द किया जोमैटो का ऑर्डर, अब किया खुलासा

नई दिल्ली। ऐप बेस्ड फूड सप्लाई करने वाली कंपनी जोमैटो अपने एक ग्राहक की वजह से चर्चा में है। दरअसल, पं अमित शुक्ल नाम के एक ग्राहक ने जोमैटो के डिलीवरी ब्वॉय से सिर्फ इसलिए खाना नहीं लिया क्योंकि वह मुस्लिम था। उन्होंने न केवल जोमैटो को ट्वीट करके डिलीवरी ब्वॉय बदलने के लिए कहा, बल्कि कंपनी की ओर से ऐसा नहीं किए जाने पर ऑर्डर तक कैंसिल कर दिया। बावजूद इसके जोमैटो इंडिया ने अपने इस ग्राहक की बात नहीं मानी और इस मामले में ऐसा जवाब दिया जिसकी न केवल यूजर्स ने जमकर तारीफ की, बल्कि इस ग्राहक की भी जमकर क्लास लगाई। पूरे विवाद के बीच जोमैटो से ऑर्डर कैंसिल करने वाले अमित शुक्ल ने सफाई दी है। उन्होंने बताया कि आखिर किस वजह से उन्होंने ऑर्डर लेने से मना कर दिया।

अमित शुक्ल ने ट्वीट करके बताई वजह

अमित शुक्ल ने ट्वीट करके बताई वजह

मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय की वजह से जोमैटो से ऑर्डर कैंसिल करने वाले अमित शुक्ल, मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले हैं। अमित शुक्ल ने मंगलवार की रात ट्वीट करके बताया, "मैंने फूड-डिलीवरी ऐप जोमैटो से खाने का ऑर्डर दिया था। कंपनी ने मेरे ऑर्डर के लिए एक गैर-हिंदू डिलिवरी ब्वॉय का नाम भेजा। इस पर मैंने जोमैटो से डिलिवरी ब्वॉय बदलने के लिए कहा, लेकिन कंपनी ने राइडर बदलने से मना कर दिया। इस पर मैंने अपना ऑर्डर कैंसिल कर दिया। वहीं कंपनी ने मेरा रिफंड देने से मना कर दिया। इस पर मैंने कहा कि आप मुझे डिलिवरी लेने के लिए बाध्य नहीं कर सकते, मैं ऑर्डर नहीं लेना चाहता और रिफंड भी नहीं चाहिए।"

जोमेटो ने दिया ये जवाब

अमित शुक्ल की तरफ से किए गए इस ट्वीट पर जोमैटो कंपनी ने अपने जवाब में लिखा, "खाने का कोई धर्म नहीं होता, खाना खुद एक धर्म है।" जोमैटो के इस जवाब के बाद यूजर्स ने अमित शुक्ल को सोशल मीडिया पर घेर लिया। उन पर जमकर निशाना साधा गया। विवाद बढ़ने पर अमित शुक्ल ने इंडिया टुडे से बात करते हुए सफाई दी है। उन्होंने कहा, "संविधान सभी को धार्मिक स्वतंत्रता देता है। सावन का महीना चल रहा है, इसलिए मैंने मुस्लिम डिलीवरी ब्वॉय को बदलने का अनुरोध किया। मैं अब ज़ोमैटो से कुछ भी ऑर्डर नहीं करूंगा।"

शुक्ल ने कहा, इनकार करने का मेरा अधिकार

शुक्ल ने कहा, इनकार करने का मेरा अधिकार

इंडिया टुडे से बात करते हुए अमित शुक्ल ने कहा, "इनकार करने का मेरा अधिकार था, मैं इसके लिए भुगतान कर रहा था। मैंने खाना ऑर्डर किया था और उन्होंने एक गैर-हिंदू राइडर को इसकी डिलीवरी के लिए भेज दिया। जब मैंने उनसे राइडर बदलने का अनुरोध किया, तो उन्होंने मना कर दिया, इसलिए मैंने उनसे अपना ऑर्डर रद्द करने के लिए कहा।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने यह ट्वीट किया था। मेरे ट्वीट में कुछ भी धार्मिक नहीं था, लेकिन ट्विटर पर एक वर्ग ने इसे एक धार्मिक एंगल दे दिया।"

अब्दुल्ला ने कही ये बात

बता दें कि पूरे मामले पर जोमैटो के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने भी ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "हम भारत के विचारों और हमारे ग्राहकों-पार्टनरों की विविधता पर गर्व करते हैं। हमारे इन मूल्यों की वजह से अगर बिजनेस को किसी तरह का नुकसान होता है तो हमें इसके लिए दुख नहीं होगा।" वहीं पूरे मामले पर उमर अब्दुल्ला ने भी जोमैटो की तारीफ करते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, "सम्मान। मुझे आपका ऐप पसंद है। धन्यवाद जो आप लोगों ने इस ऐप का संचालन करने वाली कंपनी को पसंद करने का कारण दिया।" वहीं एस वाई कुरैशी ने भी ट्वीट में लिखा, "सलाम दीपेंद्र गोयल। आप भारत की वास्तविक तस्वीर हैं। हमें आपके ऊपर गर्व है।"

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