लगातार कामयाबी की ओर ISRO, चंद्रयान-3 के तीन में से दो उद्देश्य हासिल
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के तीन में से दो उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे उद्देश्य के तहत वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। इसरो के मुताबिक चंद्रयान-3 मिशन के सभी पेलोड सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
इसरो ने x (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के तीन उद्देश्यों में से दो उद्देश्य हासिल कर लिए गए हैं। पहला चंद्रमा की सतह पर सुरक्षित और सॉफ्ट लैंडिंग का प्रदर्शन पूरा हो गया है। वहीं दूसरा चंद्रमा पर रोवर के घूमने का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। तीसरे उद्देश्य के तहत वैज्ञानिक प्रयोग जारी हैं। सभी पेलोड सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को घोषिणा की चंद्रयान-3 की 'सॉफ्ट लैंडिंग' की तारीख 23 अगस्त के दिन को अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा और जिस जगह पर इस यान का लैंडर 'विक्रम' उतरा, उस जगह को अब 'शिवशक्ति' प्वाइंट के रूप में जाना जएगा।
उन्होंने यह घोषणा भी की कि 2019 में चंद्रयान-2 ने जिस जगह पर अपने पदचिह्न छोड़े थे, चंद्रमा की उस जगह को अब 'तिरंगा'प्वाइंट के रूप में जाना जाएगा।
14 जुलाई 2023 को हुई थी लॉन्चिंग और 23 अगस्त को सफल लैंडिंग
बता दें कि 14 जुलाई 2023 को एलवीएम-3 एम-4 व्हीकल की मदद से चंद्रयान-3 को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचाया गया। चंद्रयान-3 ने नियत ऑर्बिट में अपनी यात्रा शुरू की थी। इसके बाद लगभग 40 दिन बाद 23 अगस्त 2023 को शाम 6 बजकर चार मिनट पर चांद के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल ने सुरक्षित एवं सॉफ्ट लैंडिग की और इतिहास रच दिया।












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