20 उपग्रहों को लेकर अंतरिक्ष में पहुंचा #PSLVC34, 10 खास बातें
श्रीहरिकोटा। भरतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 20 उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिये रॉकेट पीएसएलवीसी 34 को अंतरिक्ष में भेज दिया है। यह भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि है। इस प्रक्षेण के साथ 20 उपग्रहों के प्रक्षेपण के साथ ही भारत उपग्रह संबंधी विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए और ज्यादा सक्षम हो जायेगा।

पीएसएलवी सी34 की खास बातें
PSLVC34 ने लॉन्च की एक साथ 20 सेटेलाइट, 10 खास बातें
- यह इसरों की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है, जो बहुत कम समय और कीमत में लॉन्च की गई।
- यह पीएसएलवी अपने साथ 17 विदेशी सेटेलाइट और 3 भारत में तैयार की गईं सेटेलाइट लेकर अंतरिक्ष में पहुंचा है।
- इसके साथ भारत सेटेलाइट लॉन्चिंग में शीर्ष देशों में गिना जाने लगा है।
- PSLV C34 ने भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, जर्मनी और इंडोनेशिया के उपग्रहों का प्रक्षेपण किया।
- भारत ने पहली बार 20 सेटेलाइट एक साथ लॉन्च की हैं।
- PSLVC30 का वजन 320 टन का था, जब उसने उड़ान भरी।
- इस रॉकेट में सबसे भारी सेटेलाइट भारत की थी- 727 किग्रा की इंडियन अर्थ ऑबजर्वेशन सेटेलाइट कारटोसैट।
- इसमें दो भारतीय सेटेलाइट सत्यभामासैट और स्वयं को लॉन्च किया गया।
- इस लॉन्च की कीमत दुनिया की सेटेलाइट लॉन्चिंग की औसत कीमत से 10 गुनी कम है।
- इससे पहले इसरो ने अप्रैल 2008 में एक साथ 10 सेटेलाइट लॉन्च की थी।












Click it and Unblock the Notifications