चंद्रयान-2 के लॉन्चिंग की उल्टी गिनती शुरू, 15 जुलाई को मिशन पर होगा रवाना
नई दिल्ली। इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (इसरो) की ओर से चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग की पूरी तैयारी कर ली गई है। 15 जुलाई को श्रीहरिकोटा स्थित लॉन्च पैड से रात 2 बजकर 51 मिनट पर जीएसएलवी एमके 3 रॉकेट से चंद्रयान 2 को फायर किया जाएगा। फिलहाल चंद्रयान -2 के लॉन्चिंग से पहले लॉन्च पैड को चेक किया जा रहा है। यह चंद्रयान 2, 6 सितंबर को सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। यह चांद की सतह, वातावरण, विकिरण और तापमान का अध्ययन करेगा।

2008 में हुई थी इस मिशन की शुरुआत
इससे पहले इसरो ने 2008 में चांद मिशन की शुरूआत की थी, जिसे चंद्रयान नाम दिया गया था। यह मिशन काफी सफल रहा था, इस मिशन के दौरान चांद की सतह पानी की खोज की गई थी। चांद का दक्षिण पोल रीजन भारत के लिए काफी अहम है। यह इसलिए अहम है क्योंकि चांद पर पानी की उपस्थिति की और भी अधिक पुष्ट जानकारी मिल सकती है।

चांद पर लैंड करते ही बड़ी कामयाबी हासिल कर लेगा भारत
बता दें कि 15 जुलाई को जीएसएलवी एमके 3 रॉकेट चंद्रयान 2 को लेकर चांद की ओर जाएगा। चांद की सतह पर लैंड करने वाला भारत चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले चांद की सतह पर अमेरिका, रूस और चीन अपना यान भेज चुके हैं। लेकिन अभी तक कोई भी देश चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास नहीं उतरा है। बता दें कि चंद्रयान 2 का कुल वजन 3800 किलो है, इसपर कुल 1000 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, यह जांच पर 52 दिन बिताएगा।
लॉन्चिंग से पहले इसरो ने ट्वीट कर पूछा सवाल
इस लॉन्च से पहले इसरो ने ट्वीट करके लोगों की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है। इस ट्वीट में सवाल पूछा गया है कि आखिर चांद कहां से आया है? ट्वीट करके पूछा गया है कि आखिर इसमे से कौन सा सिद्धांत सही है, क्या कोई पांचवा विकल्प भी है, जिसके बारे में किसी ने ध्यान नहीं दिया। हम इन सवालों का और अन्य सवालों का जवाब चंद्रयान-2 के जरिए ढूढ़ने की कोशिश कर रहे हैं। साउथ पोल रीजन में चांद पर यह दुनिया का पहला अभियान है।












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