कश्मीर को सुलगाने के लिए पाकिस्तान से आए 800 करोड़ रुपए
कश्मीर घाटी में अशांति के लिए पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की ओर से भेजी जा रही है बड़े पैमाने पर राशि। वर्ष 2016-2017 में आईएसआई ने भेजे करीब 800 करोड़ रुपए।
नई दिल्ली। कश्मीर घाटी में कई कोशिशों के बाद भी शांति नहीं आ पा रही है और पाकिस्तान और इसकी इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई बड़े पैमाने पर जिम्मेदार है। वर्ष 2016-2017 में घाटी में कई सूत्रों से बड़े पैमाने पर कैश आया। आठ नवंबर को हुए डिमॉनेटाइजेशन के बाद इसमें कमी आई हो लेकिन इससे पहले ही करीब 800 करोड़ रुपए घाटी में भेजे जा चुके थे।
आतंकियों के जरिए पहुंचाई गई रकम
इस रकम को पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई की ओर से 'बर्न कश्मीर' प्रोजेक्ट के तहत रखा गया था। आतंकी आठ नवंबर को हुए डिमॉनेटाइजेशन के बाद फिर से पूरी ताकत लगाकर आगे बढ़ रहे हैं। आतंकियों को बैंकों में होने वाली डकैतियां बड़े पैमाने पर मदद कर रही है। इस रकम के बारे में जब पता लगाया गया तो जानकारी मिली की हवाला के जरिए इस रकम को घाटी में भेजा गया था। आतंकियों के जरिए इस रकम को भेजा गया था। आतंकियों को इस बात की बता दिया गया था कि उन्हें बड़े पैमाने पर कैश लेकर जाना है और फिर अलगाववादियों की ओर से भेजे गए किसी व्यक्ति के हवाले करना है जो कि बॉर्डर पर उन्हें मिलेगा।
पत्थरबाजों को दी गई सैलरी
इस रकम का प्रयोग पत्थरबाजों को सैलरी देने में किया गया और साथ ही भारत विरोधी प्रपोगैंडे को आगे बढ़ाने के लिए भी इसका प्रयोग हुआ। सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के जरिए भारत विरोधी एजेंडे को आगे बढ़ाया जा रहा था। इंटेलीजेंस ब्यूरों के अधिकारी की मानें तो कश्मीर घाटी में आईएसआईएस का झंडा फहराने के लिए भी अच्छी-खासी रकम अदा की गई है। आपको बता दें कि घाटी में पत्थरबाजी के लिए एक युवा को एक बारे में 5,000 से 6,000 रुपए तक अदा किए जा रहे हैं।












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