'पैड वुमन' के नाम से फेमस है ये 18 वर्ष की लड़की, बनाती है ईको फ्रेंडली सैनिटरी नैपकिन
नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर 'पैड वुमन' के नाम से एक 18 वर्षीय लड़की इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रही है। लोग उसकी तारीफ करते नहीं थक रहे हैं कुछ यूजर्स ने उसे उसके काम की वजह से सलाम भी किया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही लड़की का नाम ईशाना है और वह तमिलनाडु के कोयंबटूर की रहने वाली है। आइए जनते हैं आखिर क्यों लोग ईशाना को पैड वुमन कहकर उसपर इतना प्यार लुटा रहा हैं...

बाजार में नहीं हैं ऐसे पैड
बाजारा में आज कई तरह के सेनेटरी नैपकिन अपलब्ध है जो सिर्फ एक बार इस्तेमाल में आते हैं। वहीं, कोयंबटूर की ईशाना ने ऐसे सेनेटरी पैड बनाया है जिसे महिलाएं कई बार इस्तेमाल कर सकती हैं। ईशाना द्वारा बनाए गए सेनेटरी नैपकिन ईको फ्रेंडली हैं और पुन: प्रयोज्य भी। अपने इस कारनामें के बाद से ईशाना की तारीफ में पूरा सोशल मीडिया इकट्ठा हो गया है। एक तरफ जहां साधारण सेनेटरी पैड से महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा होता है वहीं ईशाना के पैड पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है।

ऐसे मिली सेनेटरी नैपकिन बनाने की प्ररणा
18 वर्ष की ईशाना ने बताया कि साधारण सेनेटरी पैड की वजह से कई महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का समना करना पड़ता है। मुझे भी इसको लेकर कई समस्याओं का सामना करना पड़ा जिसके बाद मुझे इस ईको फ्रेंडली सेनेटरी नैपकिन को बनाने की प्रेरणा मिली। इसके निर्माण के लिए ज्यादा बड़े सेट की जरूरत नहीं है सिर्फ एक छोटे से सेट पर कॉटन पैड का निर्माण किया जा सकता है।

दूसरों को करना चाहती हैं शिक्षित
ईशाना ने बताया की पैड निर्माण के लिए सिर्फ मशीन और अन्य उपकरणों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि, मैं चाहती हूं कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसके बारे में बता सकूं और इसके तैयार करने के तरीके को बारे में भी लोगों को शिक्षित कर सकूं। ईशाना ने बताया कि, इसके निर्माण में बहुत कम लागत आती हैं और महिलाएं इसे सस्ते में खरीद भी सकती हैं।

साधारण पैड से महिलाओं को खतरा
गौरतलब है कि साधारण पैड के इस्तेमाल से कई महिलाओं में स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें आती रही हैं। इस पर ईशाना ने कहा कि, साधारण पैड में रासायनिक जेल होता है जिसस महिलाओं को ऐसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। मैंने जो सेनेटरी नैपकिन विसित किया है उसमें किसी भी रासायनिक जेल का इस्तेमाल नहीं किया गया है। यह सूती कपड़े से बना है और ईको फ्रेंडली है। इतना ही नहीं महिलाएं इस पैड का इस्तेमाल बार-बार कर सकती हैं।












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