Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

अमेज़न-फ़्लिपकार्ट के लिए ख़तरे की घंटी है जियो मार्ट?

BBC/JIO

भारत के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा है कि वो अब ई-कॉमर्स के क्षेत्र में उतर रही है. इस क्षेत्र में उतरने के बाद वो अमेज़न और फ़्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को टक्कर देगी.

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने कहा है कि वो फ़िलहाल ग्रोसरी डिलिवरी सेवा के लिए लोगों को जुड़ने का निमंत्रण दे रही है.

रिलायंस का लक्ष्य अपने मोबाइल फ़ोन ग्राहकों को इस सेवा से जोड़ना है जिनकी संख्या बहुत बड़ी है.

ये सेवा रिलायंस इंडस्ट्रीज़ की दो सहयोगी कंपनियां रिलायंस रिटेल और रिलायंस जियो मिलकर चलाएंगी और इसको जियोमार्ट नाम दिया गया है.

जियोमार्ट का कहना है कि उसके यहाँ अभी ऐसे लगभग 50,000 सामान हैं जिसे वो अपने ग्राहकों को 'मुफ़्त और एक्सप्रेस' डिलीवर करेगी.

इसके लिए उसने अपने प्रतियोगियों से अलग व्यवस्था की है. रिलायंस बजाय ख़ुद सामानों को डिलीवर करने के, ग्राहकों को एक ऐप के ज़रिए लोकल स्टोर्स से जोड़ेगी और सामानों को वो स्टोर ग्राहकों तक पहुंचा देंगे.

विश्लेषकों का अनुमान है कि 2023 तक ऑनलाइन ग्रोसरी का बाज़ार बढ़कर 14.5 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है.

हालांकि, भारत में ऑनलाइन ग्रोसरी का बाज़ार अभी भी पूरी तरह से विकसित नहीं हुआ है. अभी ग्रोसरी ख़रीदने के लिए ऑनलाइन माध्यम से प्रतिवर्ष 87 करोड़ डॉलर का कारोबार होता है और अभी कुल आबादी का एक प्रतिशत से भी कम हिस्सा मात्र 0.15% ऑनलाइन माध्यम से ग्रोसरी ख़रीदता है.

ई-कॉमर्स की दुनिया में जियोमार्ट क्या कमाल दिखा पाएगी और इसके आने से इस उद्योग पर क्या असर पड़ेगा? इन्हीं सब सवालों पर बीबीसी संवाददाता आदर्श राठौर ने आर्थिक मामलों के जानकार आलोक जोशी से बात की.

मुकेश अंबानी
Getty Images
मुकेश अंबानी

पढ़ें, आलोक जोशी का विश्लेषण

रिलायंस का ई-कॉमर्स में आने से बड़ा असर पड़ेगा क्योंकि रिटेल इंडस्ट्री में इस समय यह कंपनी बड़ी कंपनियों में से एक है.

हाल ही में रिलायंस रिटेल के शेयर कनवर्ज़न हुए हैं. अब तक वो शेयर सिर्फ़ अंबानी परिवार और उनके पुराने कर्मचारियों के पास ही थे. जब रिलायंस रिटेल के कुछ शेयर्स को रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर्स में बदला गया तो उसके हिसाब से इसकी वैल्यू भारत की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी डीमार्ट से भी दोगुनी थी.

इसके अलावा रिलायंस की उपस्थिति मार्केट में अलग-अलग रूप में है. रिलायंस डिजिटल, रिलायंस ट्रेंड्स और रिलायंस जूल्स अलग-अलग स्टोर्स हैं जो बंटे हुए हैं और काम कर रहे हैं.

रिलायंस की काफ़ी समय से कोशिश थी कि वो रिटेल में अपनी एक बड़ी उपस्थिति दिखाए.

जियो
Getty Images
जियो

रिलायंस की आगे कठिन डगर

मुकेश अंबानी ने ई-कॉमर्स में कूदने की घोषणा तो कर दी है लेकिन वहीं एक बड़ी घटना और हुई है.

फ़्यूचर ग्रुप की अमेज़न के साथ साझीदारी हुई है. यह ख़बर है कि गणतंत्र दिवस पर फ़्यूचर ग्रुप जो अपनी सेल लगाता था वो इस बार अमेज़न पर लगेगी.

टेलीकॉम में जिस तरह से रिलायंस का मुक़ाबला एयरटेल और वोडाफ़ोन के साथ था. उसी तरह से रिटेल में अब उनका मुक़ाबला अमेज़न और फ़्लिपकार्ट के साथ है.

ये माना जा रहा है कि घर बैठकर दुकान चलाने की जगह ई-कॉमर्स अब ज़्यादा बड़ा धंधा होने जा रहा है.

रिलायंस
Getty Images
रिलायंस

क्यों है रिलायंस इस क्षेत्र में मज़बूत?

ई-कॉमर्स क्षेत्र में रिलायंस के पास इंफ़्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है. इनके पास टेलीकॉम का बहुत बड़ा नेटवर्क है, रिटेल स्टोर खड़े हैं. साथ ही यह अपने टेलीकॉम उपभोक्ताओं को जल्दी डिलीवरी करने जैसे ऑफ़र दे सकते हैं.

साथ ही अपने हिसाब से नियम-क़ानून भी हेरफेर करा सकते हैं जो टेलीकॉम इंडस्ट्री में हमने होते देखा है. पूरी टेलीकॉम इंडस्ट्री रोती रह गई लेकिन ट्राई ने उनकी चिंताओं को सुनने से इनकार कर दिया था.

इस सबके बाद रिलायंस के एकाधिकार का ख़तरा है. यह कंपनी पेट्रोलियम में तो एकाधिकार स्थापित कर ही चुकी है, अब रिटेल में आ रही है. इससे यह सवाल खड़ा हो जाएगा कि यह सरकार किसके लिए काम कर रही है और क्या एक-दो घरानों को देश का सारा कारोबार सौंप दिया जाएगा.

जो भी धंधा देखिए, वो देखकर लगता है कि या तो वो अंबानी परिवार के पास जाएगा या फिर अडानी परिवार के पास.

साथ ही रिटेल ई-कॉमर्स में नियम-क़ायदे क्या होंगे यह अभी साफ़ नहीं है. अमेज़न-फ़्लिपकार्ट कितना टिक पाएंगे नहीं मालूम है और इस धंधे में सभी नुक़सान में चल रहे हैं.

दुकानदार
Getty Images
दुकानदार

ई-कॉमर्स से दुकानदारों का धंधा होगा ठप्प?

ऐसा नहीं है कि आम दुकानदारों का धंधा चौपट हो जाएगा. मुझे जहां तक पता है ये लोग उनके साथ टाइअप करने की योजना बना रहे हैं.

कोई भी बड़ा रिटेलर ऐसा नहीं है जिसके मन में यह अरमान नहीं है कि वो देश के कोने-कोने में मौजूद बनिए के साथ टाइअप कर ले और वो उसके लिए काम करें. वही, मॉडल रिलायंस भी अपनाएगी.

अभी आप अमेज़न नाउ से कुछ ऑर्डर करते हैं तो वो अपने गोदाम से सामान भेजने की जगह आसपास की किसी दुकान से सामान की डिलीवरी करा देता है.

उन्होंने एक नेटवर्क बना रखा है जिसमें आसपास की दुकानों से ग्रोसरी की डिलीवरी होती है. इसी मॉडल को रिलायंस का जियोमार्ट भी अपना रहा है. इस वजह से उस दुकानदार को कोई मुश्किल नहीं होगी लेकिन उसके बाद आगे जाकर यह कंपनी दुकानदार को मालिक बनाने के बजाय मैनेजर बनाकर रखेंगे.

वो दुकानदारों को ऑफ़र देंगे कि हम आपके धंधे में 40 फ़ीसदी या 60 फ़ीसदी ले लेते हैं आप ऐसे ही दुकान चलाते रहिए. इसके बाद कई ऐसे सवाल खड़े हो जाएंगे कि क्या वो दुकानदार असल में मालिक रहेगा.

इस तरह के उदाहरण रिलायंस की ओर से देखे गए हैं. टेलीविज़न में रिलायंस ने टीवी-18 ग्रुप को क़र्ज़ दिया और कहा कि चैनल्स आप ही चलाते रहिए लेकिन एक दिन ऐसा हुआ कि पुराने प्रमोटर्स बाहर हो गए और कंपनी रिलायंस की हो गई.

ये भी ख़तरा उनके ऊपर बना रहेगा लेकिन यह अभी उनके ख़िलाफ़ मुक़ाबले में उतरेंगे, तो उसका जवाब नहीं है.

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+