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इराक़: पति ने तब फ़ोन पर कहा था कि आख़िरी फ़ोन है

By Bbc Hindi
इराक मौत
SUKHCHARAN PREET/BBC
इराक मौत

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का संसद में दिया गया बयान पंजाब के संगरूर ज़िले के धुरी शहर में सदमे की तरह पहुंचा है.

जब हमने प्रीतपाल शर्मा के घर का रास्ता पूछा तो जवाबी सवाल आया, 'जिनके यहां मौत हुई है?'

ये मौत तो शायद तीन साल पहले हो गई थी पर इसकी पुष्टि, इतने समय से मौत के ना होने का यक़ीन दिलाने वाली विदेश मंत्री ने अभी की है.

प्रीतपाल शर्मा के घर को जाने वाली 12 फुट की गली कच्ची-पक्की है और आबादी निम्न मध्य वर्गीय है.

ख़बर शहर में फैल गई है और पत्रकारों के आने का अंदाज़ा प्रीतपाल शर्मा के बेटे नीरज शर्मा को पहले से है.

घर के अंदर सभी लोग टेलीविज़न पर ख़बरें सुन रहें है. प्रीतपाल शर्मा की पत्नी राज रानी लगातार रो रही हैं जब कि नीरज अपने आंसुओं को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

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SUKHCHARAN PREET/BBC
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एजेंट की मदद से गए थे इराक़

प्रीतपाल शर्मा की बेटी कॉलेज गई है और अभी घर के इस माहौल से नावाकिफ़ हैं. हर चेहरा उदास है. राज रानी कुछ समय बाद बात करने का हौसला करती हैं.

वो बताती हैं, "मेरे पति बिजली का काम करते थे. घर की हालत अच्छी नहीं थी. जब हमें एक एजेंट से पता चला तो 2011 में दो लाख रुपए लगा कर वो इराक़ गए थे."

इराक़ जाने के बाद प्रीतपाल शर्मा 2014 तक पैसे भेजते रहे पर 2014 में उन्हें इराक़ के मूसल शहर में इस्लामिक स्टेट ने बंदी बना लिया.

बंदी बनाए जाने के बाद उनका आख़िरी बार फ़ोन आया था.

राज रानी को वह फ़ोन अभी भी याद है, "उन्होंने ने कहा था कि शायद यह उनका आख़िरी फ़ोन हो, और यही हुआ."

उनका गला भर आया है और वह कुछ देर बाद अपनी चुप्पी तोड़ती हैं, "उन्हें एक फैक्ट्री में रखा गया था."

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SUKHCHARAN PREET/BBC
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पढ़ाई छूट गई...

उन्हें इस फ़ोन के बाद लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़े. इस दौर में उनका तकरीबन डेढ़ लाख रुपया खर्च हुआ.

अब राज रानी को लगता है, "सरकार को पता था तो हमें धोखे में नहीं रखना चाहिए था. हम इतना परेशान न होते."

आख़िरी शब्द बोलते हुए उनका गला भर जाता है. ये अंदाज़ा होना मुश्किल हो जाता है कि वह पहले की परेशानी की बात कर रही हैं या आने वाले समय की बात कर रहीं हैं.

नीरज बताते हैं कि जब उनके पिता इराक़ गए तो वे पढ़ाई कर रहे थे, "डैडी के लापता हो जाने के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई और मैं मज़दूरी करता हूं क्योंकि घर चलाना मेरी ज़िम्मेदारी है."

नीरज अपनी बात करते-करते उन तमाम 39 लोगों की बात करने लगतें हैं जिन्हें मृत क़रार दिया गया है.

डीएनए के नमूने

नीरज कहते हैं, "सब के डैडी गए हैं. कई के भाई भी गए हैं. हम सभी के डैडी कमाई करने गए थे. अब हमारा गुज़ारा मुश्किल हो गया है."

नीरज मांग करते हैं कि अगर नौकरी मिल जाए हो उनका गुज़ारा आसान हो सकता है.

इस परिवार का दुःख बांटने स्थानीय नायब तहसीलदार करमजीत सिंह पहुंचे हैं, जिन्होंने प्रीतपाल शर्मा की मृत्यु की पुष्टि करने के लिए डीएनए के नमूने इराक़ भेजे थे.

उनका कहना है, "परिवार की मांग पर हम इराक़ से अस्थियां लाने का प्रयास कर रहें हैं. परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की सिफ़ारिश की जा रही है."

अभी तक प्रीतपाल शर्मा की बेटी दीक्षा शर्मा कॉलेज से नहीं लौटी हैं.

घर वालों को ये ख़बर दीक्षा को सुनाने की जल्दी नहीं है पर ये ख़बर देने में देरी करने वाली विदेश मंत्री से उनकी नाराज़गी हर बात में उमड़ पड़ती है.

BBC Hindi
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English summary
Iraq The husband then said on the phone that the last phone is

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