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IAS Santosh के जज्बे ने बदल दिया इतिहास, सिर्फ 9 घंटे में घोषित करवाया सरकारी नौकरी की परीक्षा का रिजल्ट

नई दिल्ली, 11 दिसंबर: बेरोजगारी मौजूदा वक्त में देश के लिए सबसे बड़ी समस्या है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से वक्त-वक्त पर सरकारी नौकरियों के लिए बड़ी संख्या में वेकैंसी निकलती है, लेकिन कभी पेपर आउट, तो कभी नकल जैसी समस्याएं सामने आ जाती हैं। अगर किसी तरह परीक्षा करवाने वाली एजेंसी ने रिजल्ट घोषित कर भी दिया तो मामला कोर्ट में अटका रहता है। देश में कई बार तो सरकारी परीक्षा का रिजल्ट आने में 4-5 साल लग जाते हैं, लेकिन आज हम आपको सरकारी परीक्षा कराने वाले ऐसे संस्थान और उसके अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं, जो परीक्षा होने के बाद 12 से 24 घंटे के अंदर ही बिना विवाद रिजल्ट घोषित कर दे रही है।

सोशल मीडिया पर छाया अरुणाचल SSB

सोशल मीडिया पर छाया अरुणाचल SSB

इन दिनों सोशल मीडिया पर अरुणाचल स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) की खूब चर्चा है। इसके पीछे की वजह उसकी ओर से महज 9 घंटे में परीक्षा परिणाम घोषित करना है। उदाहरण के तौर पर आप मानिए कि जिस अभ्यर्थी ने रविवार को परीक्षा दी थी, सोमवार सुबह वो सरकारी कर्मचारी बन गया था। इस कीर्तिमान को रचने के लिए एजीएमयूटी कैडर के IAS अधिकारी संतोष कुमार राय की अहम भूमिका है। वो अभी अरुणाचल एसएसबी में सेक्रेट्री और कंट्रोरल ऑफ एग्जाम के पद पर नियुक्त हैं। उन्हीं की मेहनत की वजह से आज अरुणाचल एसएसबी रिजल्ट घोषित करने में रोजाना नए कीर्तिमान बना रहा है।

सबसे पहले बनाई एसओपी

सबसे पहले बनाई एसओपी

वन इंडिया से बातचीत करते हुए IAS संतोष राय ने बताया कि फरवरी 2020 में अरुणाचल में सरकारी परीक्षा करवाने वाले बोर्ड एसएसबी ने एलडीसी की परीक्षा करवाई थी। जिसमें धांधली हुई। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से उनकी बोर्ड के सेक्रेट्री पद पर नियुक्ति की गई। राय के मुताबिक एसएसबी का गठन 2018 में ही हुआ था, जिस वजह से वहां पर परीक्षा करवाने के लिए कोई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) नहीं था। ऐसे में सबसे पहले उन्होंने बोर्ड के चेयरमैन के मार्गदर्शन में एसओपी बनाई। कोरोना महामारी और लॉकडाउन की वजह से उसमें 5-6 महीने का वक्त लग गया।

जब 14 घंटे में आया रिजल्ट

जब 14 घंटे में आया रिजल्ट

एसओपी बनाने के बाद अब बारी थी बोर्ड को अपना भरोसा फिर से कायम करने की। इसके लिए सितंबर 2020 में मेडिकल डिपार्टमेंट में टेक्नीकल पोस्ट के लिए परीक्षा करवाई गई। जिसका रिजल्ट 14 घंटें के अंदर घोषित कर दिया गया। ये अपने आप में एक नया कीर्तिमान था। IAS संतोष के मुताबिक मैटेरियल आने के बाद उन्होंने तुरंत स्कैनिंग शुरू कर दी। पूरी टीम दूसरे दिन सुबह 3-4 बजे तक ऑफिस में रही। जब सुबह के वक्त रिजल्ट घोषित हो गया, तो सभी कर्मचारी और अधिकारी घर गए। इस परीक्षा में 500 के आसपास अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था।

40 हजार अभ्यर्थियों में लगा कितना वक्त?

40 हजार अभ्यर्थियों में लगा कितना वक्त?

संतोष कुमार की टीम यहीं नहीं रुकी। इसके बाद आईपीआर डिपार्टमेंट की एक परीक्षा करवाई गई। इस बार पिछला रिकॉर्ड टूटा और रिजल्ट 9 घंटे के अंदर आ गया। इस साल अक्टूबर में बोर्ड को एलडीसी परीक्षा का जिम्मा मिला, जिसमें 40 हजार अभ्यर्थी थे। अधिकारी के मुताबिक 3 अक्टूबर को उनकी ओर से 12 जिलों में परीक्षा करवाई गई, जिसका रिजल्ट तीन दिन बाद 6 अक्टूबर को घोषित कर दिया गया। लिखित परीक्षा के बाद टाइपिंग और कंप्यूटर स्किल टेस्ट होना था, जिसको 16-19 अक्टूबर के बीच करवा दिया गया। उनके तुरंत बाद रिजल्ट घोषित हुआ। ऐसे में विज्ञप्ति की तारीख से देखा जाए तो कुल 6 महीने के अंदर इतनी बड़ी परीक्षा बिना विवाद के निपट गई।

बिना विवाद परीक्षा करवाने का क्या फॉर्मूला?

बिना विवाद परीक्षा करवाने का क्या फॉर्मूला?

एक बड़ा सवाल ये है कि जब रिजल्ट इतने कम वक्त में आ रहा, तो क्या अभ्यर्थी गड़बड़ी की आशंका को लेकर कोर्ट नहीं जाते? इस सवाल का जवाब देते हुए IAS संतोष कुमार ने कहा कि उनकी ओर से गलती की गुंजाइश नहीं रहती। परीक्षा होने के बाद ओएमआर सीट अभ्यर्थियों की मेल आईडी पर भेज दी जाती है। इसके बाद उन्हें बता दिया जाता है कि उनका कितना नंबर है। जब इतनी पारदर्शिता रहती है, तो मामला कोर्ट जाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने बताया कि आमतौर पर एलडीसी की परीक्षा साल में एक बार करवानी मुश्किल रहती थी, लेकिन उनके प्रयासों की वजह से इस साल दो बार एलडीसी की परीक्षा हुई, जिसका रिजल्ट भी घोषित हो चुका है।

खुद इस तरह की तैयारी

खुद इस तरह की तैयारी

आपको बता दें कि IAS संतोष कुमार बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं। वहीं पर उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ली थी। इसके बाद वो ग्रेजुएशन के लिए दरभंगा सीएम कॉलेज आ गए। वहां पॉलिटिकल साइंस से बीए करने के बाद उन्होंने तैयारी शुरू कर दी। सबसे पहले 2009 उन्होंने एसएससी सीजीएल और असिस्टेंट कमांडेट की परीक्ष पास की। चयन होने के बाद उन्होंने असिस्टेंट कमांडेंट की एक साल की ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद उनका चयन 2010 में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर के पद पर हुआ। दिल्ली में ज्वाइन करने के बाद उन्होंने तैयारी शुरू की। 2011 में यूपीएससी प्री निकला लेकिन मेंस में होते-होते रह गया।

2013 में मिली कामयाबी

2013 में मिली कामयाबी

संतोष कुमार यहीं नहीं रुके, 2012 में उन्होंने यूपीएससी क्वालीफाई किया और उन्हें IRS मिला। नागपुर में वो IRS की ट्रेनिंग कर रहे थे कि 2013 में उनको फिर से यूपीएससी के इंटरव्यू का कॉल आया। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्हें IAS मिल ही गया। अपनी तैयारी पर संतोष कुमार ने कहा कि वो दरभंगा में जब आए थे तो लहरियासराह में स्थित एमएल एकेडमी के यूथ फोरम को ज्वाइन किया था। वहां पर 25-30 छात्रों का ग्रुप था, जो आपस में तैयारी करते थे। इसमें यूपीएससी के अलावा वनडे एग्जाम भी रहते थे। फोरम का चेयरमैन होता था, जो प्रैक्टिस के लिए टॉपिक, डेमो पेपर आदि सेट करता था। उसी फोरम की वजह से उनको एग्जाम क्वालीफाई करने में आसानी हुई।

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