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जानिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के बारे में कुछ खास बातें

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नई दिल्ली। आज एक बार फिर से अमित शाह भाजपा के अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए चुन लिये गये हैं। उन्हें औपचारिक तरीके से दूसरी अवधि के लिए चुना गया।

जय और वीरू जैसी है मोदी और अमित शाह की दोस्ती

पीएम मोदी को पीएम बनाने में मुख्य भूमिका अदा करने वाले अमित शाह को यह कुर्सी साल 2014 के आम चुनावों के बाद मिली थी क्योंकि उस समय भाजपा नेता राजनाथ सिंह इस कुर्सी पर विराजमान थे। भाजपा के सत्ता में आते ही राजनाथ सिंह को गृहमंत्री बना दिया गया जिसके बाद खाली हुई पार्टी अध्यक्ष पद की कुर्सी पर अमित शाह से अच्छा और कौन हो सकता था?

आईये आगे की बात करते हैं नीचे की स्लाइडरों के जरिये...

अमित शाह का जन्म

अमित शाह का जन्म 22 अक्टूबर 1964 को महाराष्ट्र के मुंबई में एक व्यापारी के घर हुआ था।

पढाई के लिए

एक रईस परिवार से ताल्लुक रखने वाले अमित शाह पढाई के लिए अहमदाबाद आये थे।

आरएसएस

राजनीति से प्रति रूझान आरएसएस की वजह से बढ़ा क्योंकि ये छात्र काल में ही आरएसएस से जुड़ गये थे।

नरेंद्र मोदी

1982 में उनके अपने कॉलेज के दिनों में शाह की मुलाक़ात नरेंद्र मोदी से हुयी।

पहला कदम

मोदी से मुलाकात के बाद ही 1983 में अमित शाह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े, यहीं से इन्होंने सार्थक राजनीति के प्रति पहला कदम बढाया।

भाजपा में शामिल

शाह 1986 में भाजपा में शामिल हुये।

भारतीय जनता युवा मोर्चा

भारतीय जनता युवा मोर्चा

1987 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का सदस्य बनाया गया और स्टार प्रचारक के रूप में ख्याति पायी।

गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट

गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट

अमित शाह ने 1997 में गुजरात की सरखेज विधानसभा सीट से उप चुनाव जीतकर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

 गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन

2009 में वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बने।

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन

2014 में नरेंद्र मोदी के अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद वे गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष बने।

गृहमंत्रालय

गृहमंत्रालय

2003 से 2010 तक अमित शाह गुजरात सरकार की कैबिनेट में गृहमंत्रालय संभाला।

चार बार

चार बार

अमित शाह गुजरात के सरखेज विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार क्रमश: 1997 (उप चुनाव), 1998, 2002 और 2007 से विधायक निर्वाचित हो चुके हैं।

इशरत जहां और सहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड़

इशरत जहां और सहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड़

इशरत जहां और सहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड़ के कारण विवादों में रहे और इस वजह से 25 जुलाई 2010 में गिरफ्तारी का सामना भी करना पड़ा। हालांकि बाद में इस मामले में उन्हें कोर्ट से क्लीन चीट मिल गई।

भाजपा की मात्र 10 लोक सभा सीट

भाजपा की मात्र 10 लोक सभा सीट

सोलहवीं लोकसभा चुनाव के लगभग 10 महीने पहले अमित शाह को दिनांक 12 जून 2013 को भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया, तब प्रदेश में भाजपा की मात्र 10 लोक सभा सीटें ही थी।

भाजपा अध्यक्ष

भाजपा अध्यक्ष

उनके संगठनात्मक कौशल की वजह से सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 71 सीटें हासिल की। यह यूपी में बीजेपी की सबसे बड़ी जीत थी।

इस करिश्माई जीत के‌ शिल्पकार रहे अमित शाह का कद पार्टी के भीतर इतना बढ़ा कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष का पद प्रदान किया गया और आज एक बार फिर से अमित शाह भाजपा के अध्यक्ष पद की कुर्सी के लिए चुन लिये गये हैं।

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English summary
Celebrations broke out at the BJP office today long before Amit Shah was reelected the party's president in the presence of a large gathering of leaders.
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